सार्वजनिक स्थान पर सिगरेट का धुआं उड़ाने वालों पर कार्रवाई के लिए दरोगा की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिपाही भी धुआं उड़ाने वाले और शिक्षण संस्थान के पास सिगरेट-गुटका बेचने वाले का चालान कर 250 रुपये जुर्माना वसूल सकता है। शासन ने इस मामले में सिपाही को भी दरोगा के समान अधिकार दे दिया है।
चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव ओम प्रकाश ने नियमों को संशोधित करते हुए पुलिस विभाग के लिए एक शासनादेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सिगरेट और अन्य तंबाकू से निर्मित उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार वितरण अधिनियम) 2003 को रोकने के लिए जुर्माना लगाना अनिवार्य है।
शासन ने अधिसूचना को सख्ती से पालन कराने के लिए अधिकारियों के साथ ही पुलिस कांस्टेबल को भी कार्रवाई करने का अधिकार दिया है। बताया गया है कि सिपाही को जुर्माना लगाने और चालान कराने का अधिकार है। सार्वजनिक स्थान पर सिगरेट का धुआं उड़ाने और शिक्षक संस्थानों के निर्धारित परिधि के अंदर तंबाकू उत्पाद बेचने पर 250 रुपये का जुर्माना लगा सकता है। यह शासनादेश एसएसपी के पास आया है।
एसएसपी ने सभी थानों को यह शासनादेश जारी कर दिया है। सिपाही के अलावा नगर निगम के पर्यवेक्षक के समकक्ष और उससे ऊपर के अधिकारी भी इस मामले में कार्रवाई कर सकते हैं। जिला तंबाकू नियंत्रण विभाग के अंतर्गत समन्वयक को भी कार्रवाई का अधिकार दिया गया है।