हल्द्वानी। अब जल संस्थान के कर्मियों को सीवर मैनहोल की सफाई के लिए उसके भीतर नहीं घुसना पड़ेगा। वह रोबोटिक मशीन के सहारे ही सफाई करेंगे। जल संस्थान के हल्द्वानी डिवीजन में यह मशीन पहुंच गई है। यह कुमाऊं मंडल में पहली मशीन है। इसके अलावा तीन मशीनें देहरादून मुख्यालय पर भी दी गई हैं।
जल संस्थान के ईई आरएस लोशाली ने बताया कि मुख्यालय से मैनहोल की सफाई के लिए बैंडिकूट रोबोटिक मशीन उपलब्ध कराई गई है। कर्मचारियों को इस मशीन को चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ही इसका संचालन शुरू किया जाएगा। मशीन लेकर यहां पहुंचे जेन रोबोटिक चंडीगढ़ के बिजनेस हेड गौरीशंकर ने बताया कि इस मशीन का निर्माण उनकी कंपनी की केरल शाखा ने किया है।
एमएस एक्ट 2013 के तहत सुप्रीम कोर्ट ने सीवर की हाथ से सफाई पर प्रतिबंध लगा दिया है। 2018 में इस मशीन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। वर्तमान में देश के 19 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में 300 से अधिक मशीनों से काम लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मशीन मैनहोल की सफाई के साथ ही इसके आसपास के कचरे को भी साफ करेगी। इसके लिए इस पर रोबोटिक आर्म्स लगे हैं।
एक सप्ताह का दिया जाएगा प्रशिक्षण
जेन रोबोटिक के गौरीशंकर ने बताया कि इस मशीन को चलाने के लिए कर्मचारियों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके समक्ष सीवर मैनहोल की सफाई भी कराई जाएगी। बताया कि इस मशीन के सकारात्मक परिणाम आए हैं।