पंगूट में ही बना दी मिट्टी की ईंटें
सामाजिक संस्था गीली मिट्टी की ओर से किए जाने वाले निर्माण कार्य में तराई के भट्टों से आने वाली लाल ईंटों का उपयोग नहीं होता। संस्था पंगूट गांव में ही वहां की मिट्टी से ईंटें तैयार कर रही है। यह देखने में हूबहू ईंटों की तरह है, बस रंग का अंतर है।
गांवों में सामुदायिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए संस्था से अनुबंध हुआ है। जल्द ही पांच गांवों का चयन कर उन्हें गोद लिया जाएगा। जहां ईको फ्रेंडली होम स्टे बनवाकर ग्रामीण समूहों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण में हर ब्लाक 10-15 गांवों में इस तरह के होम स्टे बनाते हुए इसे उद्यान, कृषि, पशुपालन आदि से भी जोड़ा जाएगा।
- धीराज सिंह गर्ब्याल डीएम नैनीताल।
कंक्रीट पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे पहाड़ के भार वहन करने की क्षमता प्रभावित हो रही है। अब समय आ गया है कि हम ईको फ्रेंडली निर्माण कार्य को बढ़ावा दें। संस्था इस दिशा में जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। हम प्रशासन को बेहतर तकनीक उपलब्ध कराएंगे।
- शगुन सिंह फाउंडर और डायरेक्टर गीली मिट्टी फार्म्स।