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एक ही आईडी से नहीं बदल सकेंगे नोट

Thu, 17 Nov 2016 01:38 AM IST
राजीव शुक्ला
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दो हजार रुपये का नोट
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पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बदलने के फैसले के साथ ही लोगों ने इसका तोड़ भी निकाल लिया था। एक ही आईडी पर एक ही बैंक से बराबर नोट बदलने के प्लान पर बैंकों ने पानी फेर दिया है। अब सॉफ्टवेयर में आईडी का नंबर डालते ही पता चल जाएगा कि उक्त ग्राहक ने पिछली बार नोट कब बदलवाए थे।
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  दस नवंबर को बैंक खुलने के साथ ही नोट बदलने वालों की बैंक में लंबी कतार लग गई थी। काला धन रखने वाले कुछ लोगों ने नोट बदलने का तरीका भी निकाल लिया था। एक आईडी का प्रयोग स्वयं कर नोट बदला तो दूसरे दिन उसी आईडी पर किसी और से नोट बदलवाया।

बैंकों ने इस गड़बड़ी को रोकने के लिए नए सॉफ्टवेयर का प्रयोग शुरू कर दिया है। स्टेट बैंक आफ इंडिया और बैंक आफ बड़ौदा समेत कई बैंक ऐसे साफ्टवेयर का प्रयोग कर रहे हैं। एक ही आईडी पर अगर दोबारा नोट बदलने का प्रयास किया तो साफ्टवेयर बता देगा कि आईडी का प्रयोग कर नोट कब बदला गया है।
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ऐसे लोग अब अलग-अलग बैंकों में आईडी का प्रयोग कर नोट धड़ल्ले से बदल रहे हैं। साफ्टवेयर इंटर कनेक्टेड न होने के कारण अन्य बैंकों में आईडी का प्रयोग आसानी से हो जा रहा है।

स्टेट बैंक आफ इंडिया के जिला समन्वयक महेंद्र कुमार तड़ागी ने बताया कि एक आईडी का विभिन्न बैंकों में प्रयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने स्याही लगाने का निर्णय लिया है। स्याही लगने के बाद नोट बदलने के खेल में लगे लोगों पर लगाम लगेगी।
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