हाईकोर्ट ने डेढ़ साल पहले नैनीताल जिले को पॉलीथिन फ्री जोन घोषित करते हुए जिला प्रशासन को पॉलीथिन के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे। ऐसा न होने पर संबंधित एसडीएम समेत निकायों के अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी थी। बावजूद इसके जिलेभर में चोरी छुपे पॉलीथिन का उपयोग हो रहा है।
प्रशासन न तो पालीथिन के उपयोग पर अंकुश लगा सका है और न ही वह आरटीआई के तहत मांगी गई सही सूचनाएं दे रहा है। इससे जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है।
बताते चलें कि हाईकोर्ट ने तीन जुलाई 2014 को जिले में पाूलीथिन प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जब पॉलीथिन प्रतिबंधित नहीं हुई तो अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया।
जिस पर हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2015 को जारी एक अन्य आदेश में कहा था कि पॉलीथिन पर रोक न लगने की स्थिति में एसडीएम समेत निकायों के मुख्य नगर अधिकारी और अपर मुख्य नगर अधिकारी के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत पिछले दिनों जिला प्रशासन से प्रत्येक माह के आधार पर पॉलीथिन को प्रतिबंधित करने के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की लिखित सूचना मांगी तो निकायों ने आधी अधूरी सूचना देकर पल्ला झाड़ लिया। नगर निगम हल्द्वानी के लोक सूचना अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि नगर निगम ने 15 जुलाई 2014 से 14 दिसंबर 2015 तक कुल 35 लाख 79 हजार 277 रुपये जुर्माने के रूप में वसूले। बता दें कि तब नगर निगम ने विशाल मेगा मार्ट और ईजी डे समेत एक थोक विक्रेता के यहां छापेमारी कर उन पर लाखों रुपये जुर्माना लगाया था।
जिला पंचायत की लोक सूचना अधिकारी हिमाली जोशी पेटवाल ने बताया कि उन्होने सात अगस्त 2014 से 9 जून 2015 तक विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 92 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला। लोक सूचना अधिकारी कालाढूंगी ने बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2014 से 29 मई 2015 तक कुल चार हजार रुपये जुर्माना वसूला। लोक सूचना अधिकारी लालकुआं ने बताया कि उन्होंने सितंबर 2014 से नवंबर 2015 तक कुल 34 किलो 700 ग्राम पालीथिन बरामद की, लेकिन इस निकाय ने कितना जुर्माना वसूला इसकी कोई सूचना नहीं दी गई।
लोक सूचना अधिकारी रामनगर की ओर से बताया गया कि जून 2014 से जून 2015 तक उन्होंने 35 हजार रुपये जुर्माना वसूला है।
नगर पालिका परिषद बिंदुखत्ता ने कोई जानकारी नहीं दी। नगर पालिका परिषद नैनीताल के लोक सूचना अधिकारी ने बताया कि निकाय ने 15 जुलाई 2015 से लेकर 9 अप्रैल 2015 तक कुल 31 पालीथिन बरामद कर 15 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला। नगर पालिका भवाली के लोक सूचना अधिकारी ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2014 से नवंबर 2015 तक जुर्माने के रूप में 18 हजार 200 रुपये वसूले हैं।
नगर पालिका भवाली ने नवंबर 2015 में केवल एक पॉलीथिन बरामद कर 500 रुपये जुर्माना वसूलकर अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि आरटीआई के तहत हाईकोर्ट के इस अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के आदेश जारी होने के बाद से अब तक निकायों से पकड़ी गई पॉलीथिनों की संख्या और जुर्माने का मासिक ब्योरा मांगा था, लेकिन किसी निकाय ने जुर्माने की रकम बताकर तो किसी ने पकड़ी गई पॉलीथिनों की गिनी चुनी संख्या दिखाकर आधी अधूरी सूचना दी है।