अस्पताल में रोजाना करीब 80 मरीजों की डायलिसिस होती है, जिसके लिए करीब 20 हजार लीटर पानी की जरूरत पड़ती है। मंगलवार को सुबह और शाम पानी की आपूर्ति नहीं होने से परेशानी बढ़ गई। जल संस्थान के पांच टैंकर मंगाकर करीब 40 मरीजों की डायलिसिस कराई जा सकी।
इधर, डायलिसिस यूनिट के कर्मचारी आयुष्मान पोर्टल पर डाटा फीडिंग में भी लगे रहे। इससे सेवा प्रभावित हुई। मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई मरीज बिना डायलिसिस लौट गए। यूनिट में 29 मशीनें हैं, जिनमें कुछ के ठीक से काम नहीं करने की भी शिकायत है।
एसकेएजी संजीवनी के मैनेजर अभय कुशवाहा ने बताया कि जल संस्थान से सुबह और शाम पानी आता है लेकिन मंगलवार को नहीं आया, जिसकी वजह से जल संस्थान के पांच टैंकर पानी मंगाया गया। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि मरीजों की डायलिसिस सेवा इस तरह बाधित नहीं की जा सकती। संबंधित एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। दोबारा लापरवाही होने पर कार्रवाई की जाएगी।
पार्षद ने भी उठाया मुद्दा
पार्षद रोहित कुमार ने सीएमओ को पत्र साैंपकर डायलिसिस यूनिट की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने, खराब मशीनें ठीक कराने और वरिष्ठ चिकित्सक की तैनाती की मांग की है।