हल्द्वानी। काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क को टू लेन के प्रस्ताव में अड़ंगा आ गया है। भू-वैज्ञानिकों की ओर से नैनीताल और आसपास की पहाड़ियों को संवेदनशील बताए जाने के बाद अब ज्योलीकोट तक ही सड़क को टूलेन किया जा सकेगा। कार्यदायी संस्था एनएच अब इसके लिए नए सिरे से डीपीआर बनाने की तैयारी कर रही है
नैनीताल में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। पिछले कुछ सालों में कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है। काठगोदाम तक चलने वाली ट्रेनें पूरे साल पैक चल रही हैं। ऐसे में काठगोदाम-नैनीताल मार्ग पर बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए करीब तीन साल पहले एनएच ने टू-लेन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसमें करीब 39 हेक्टेयर वन भूमि आ रही थी। जमीन के क्लीयरेंस का मामला लंबे समय से लटका पड़ा है। हालांकि कार्यदायी संस्था की ओर से इसके बदले अल्मोड़ा में जमीन चिह्नित भी कर ली थी। इधर अब इस प्रस्ताव को झटका लगा है। भूवैज्ञानिक ने नैनीताल तक बने वाले टू-लेन के लिए जमीन को उपयुक्त नहीं पाया है।
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टू-लेन के लिए विभाग अब नए सिरे से डीपीआर बनाएगा। इसके बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। पहले टू-लेन करीब 31 किमी में बनना था लेकिन अब इसकी दूरी 18 किलोमीटर होगी।
- आशुतोष, ईई एनएच, हल्द्वानी
नैनीताल से पिथौरागढ़ जिले तक के लोग हाइवे के गड्ढों से परेशान
हल्द्वानी। शहर से नैनीताल और भीमताल को जोड़ने वाला हाईवे गुलाबघाटी से रानीबाग तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। ज्योलीकोट तक सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इस पर वर्ष 2021 में डामरीकरण किया गया था। रोजाना इस मार्ग से 20 हजार से अधिक वाहन आवाजाही करते हैं। इधर रामनगर स्टेट हाईवे पर लालडांठ के पास बाजपुर बसअड्डे पर भी सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। इसकी भी कोई सुध नहीं ले रहा है।
हरकत में आए अधिकारी, गड्ढे भरे
रानीबाग से ज्योलीकोट तक हाईवे की बदहाली को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी वंदना ने बीते दिन एनएच के अधिकारियों को तलब कर एक सप्ताह में हाईवे का नवीनीकरण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद हरकत में आए अधिकारियों ने रानीबाग क्षेत्र में सड़क के गड्ढों को क्रंकीट से पाट दिया है। इससे थोड़ा राहत तो मिली है लेकिन दोपहिया वाहनों का इसमें रपटने का खतरा बढ़ गया है। एनएच के अधिकारियों ने बताया कि बरसात के बाद हाइवे को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा।