हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में सभी को दाखिला दिए जाने की मांग को लेकर चलाए जा रहे छात्र आंदोलन को अब तक शासन ने गंभीरता से नहीं लिया है तथा सीटें बढ़ाने की स्वीकृति नहीं दी गई है। फिलहाल अभी तीन दिन और कॉलेज बंद है, उसके बाद 16 अगस्त से कॉलेज खुलने पर फिर से बवाल होने की आशंका से महाविद्यालय प्रशासन काफी चिंतित है।
एमबीपीजी कॉलेज में बीए एवं बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में सीटें फुल हो चुकी हैं, केवल बीएससी पीसीएम एवं जेडबीसी में सीटें बाकी हैं। छात्रसंघ चुनाव लड़ने वाले तमाम संभावित प्रत्याशियों द्वारा पिछले कई दिनों से सभी का दाखिला देने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इस मुद्दे पर एनएसयूआई हो या फिर एबीवीपी सभी एकजुट हैं। इन छात्रसंगठनों के साथ दूसरे छात्रनेता भी आंदोलन में शामिल हैं। अपनी मांग को लेकर छात्रों ने शनिवार को तालाबंदी कर महाविद्यालय को खुलने ही नहीं दिया था।
प्रभारी प्राचार्य डा. विनय विद्यालंकार ने छात्रों की मांग पर सीटें बढ़ाने के लिए कुमाऊं विवि को पत्र भेज दिया था। सीटें बढ़ाने को पत्र चार बार भेजा जा चुका है लेकिन कुमाऊं विवि शासन से हरी झंडी न मिलने के कारण इस बारे में कोई फैसला नहीं ले पा रहा है। इसका असर महाविद्यालय के संचालन पर पड़ रहा है। महाविद्यालय 11 एवं 12 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश पर बंद था तथा 13 एवं 14 अगस्त को नैक निरीक्षण के दौरान छुट्टियों में महाविद्यालय खुलने के एवज में दो दिनों का अवकाश घोषित किया गया है।
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण होगा तथा 16 अगस्त से महाविद्यालय खुलेगा। प्रभारी प्राचार्य डा. विनय विद्यालंकार ने बताया कि अभी तक सीटें बढ़ाने के बारे में कोई स्वीकृति नहीं आई है। 16 अगस्त से महाविद्यालय में शिक्षण कार्य शुरू हो सके, इसके प्रयास किए जाएंगे।