नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजाता सिंह की अदालत ने प्रेमिका के हत्यारोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में एक आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र पहले ही खारिज हो चुका है।
अभियोजन के मुताबिक 22 अगस्त 2022 को खड़कपुर मोटाहल्दू लालकुआं निवासी मालती देवी पत्नी खीम राम ने लालकुआं थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि तीन अगस्त को उनकी पुत्री अंजली सुबह नौ बजे घर से काॅलेज के लिए गई थी लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी। फोन नंबर के सुराग से जांच के बाद पुलिस ने यामीन पुत्र मोहम्मद अहमद व सचिन सक्सेना पुत्र रतन लाल निवासी बरा पुलभट्टा ऊधम सिंह नगर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि अंजली उर्फ प्रिया यामीन की महिला मित्र थी और वह यामीन पर शादी का दबाव बना रही थी। यामीन अंजली से शादी नहीं करना चाहता था। इस कारण उसने अंजली की हत्या की योजना बनाई और अपने दोस्त सचिन सक्सेना के साथ तीन अगस्त को सहदोरा के जंगल में ले जाकर अंजली की हत्या कर दी। आरोपी यामीन और सचिन की निशानदेही पर पुलिस ने शक्तिफार्म से दो किमी आगे जंगल में सड़़ा गला शव बरामद कर लिया। बुधवार को बचाव पक्ष की ओर से न्यायालय में आरोपी यामीन की जमानत अर्जी पेश की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश सुजाता सिंह ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।