रविवार शाम हुई तेज बारिश के बाद कैंची के पास कई जगह मलबा गिरने से भवाली-अल्मोड़ा एनएच जाम हो गया। देखते ही देखते एनएच पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और सैकड़ों वाहन और उनमें बैठे यात्री जाम में फंस गए। खबर लिखे जाने तक एनएच पर सिर्फ वन-वे यातायात ही सुचारु हुआ था और सैकड़ों वाहन जाम में फंसे थे।
रविवार शाम करीब पांच बजे कैंची और इसके आसपास के क्षेत्र में घंटे भर तक मूसलाधार बारिश हुई। क्षेत्र के लोगों का मानना था कि इस क्षेत्र में बादल फटा था, जिसके चलते इतनी तीव्र बारिश हुई। लगातार हुई बारिश से कैंची के आसपास एनएच पर कई जगह मलबा आ गया, जिससे एनएच जाम हो गया। सूचना पर लोनिवि के अधिकारियों ने एक जेसीबी को मौके पर भेजा। रात करीब आठ बजे जेसीबी ने किसी तरह मलबा हटाकर वन-वे यातायात सुचारु किया और भवाली से अल्मोड़ा को जा रहे वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। इसके बावजूद मौके पर पहाड़ से हल्द्वानी को जा रहे सैकड़ों वाहन फंसे रहे।
खैरना के चौकी प्रभारी देवनाथ गोस्वामी ने बताया कि एनएच पर वन-वे यातायात सुचारु करा दिया गया है। देर रात तक एनएच पर पूरी तरह से यातायात को सुचारु करा दिया जाएगा। एनएच के बंद होने की सूचना पर भवाली के कोतवाल हरीश चंद्र पांडा भी मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन एनएच विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
ओलावृष्टि से रही सही फसल भी हुई बर्बाद
रविवार शाम मौसम का मिजाज ऐसा बदला कि रामगढ़ ब्लाक के कई गांवों में जबरदस्त ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। रामगढ़ ब्लाक के लोसज्ञानी के प्रधान पान सिंह ने बताया कि रविवार शाम करीब छह बजे गागर, तल्ला रामगढ़, लोसज्ञानी, हरतोला, नथुवाखान और सतबूंगा में आधा फीट तक ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने जिला प्रशासन से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराने और किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।