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मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़-घाट एनएच में आया मलबा

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पिथौरागढ़। मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। इस कारण बृहस्पतिवार सुबह वाहनों का संचालन ठप रहा। मलबा हटाने के बाद यातायात सुचारु हुआ।
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बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क भी नया बस्ती के पास बंद हो गई। तीन दिन से हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। नाचनी में बागेश्वर जिले को जोड़ने के लिए रामगंगा नदी पर बने लकड़ी के दो कच्चे पुल बह गए हैं।
पुल बहने से बागेश्वर जिले के कई गांव के लोगों को छह किमी का लंबा अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ेगा। लगातार बारिश के कारण जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है।
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मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार हो रही बारिश से बुधवार रात पिथौरागढ़-घाट एनएच में चुपकोट बैंड के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया।
सुबह पिथौरागढ़ को आ रही और मैदानी क्षेत्रों को जा रहे वाहन मार्ग में ही फंस गए। सूचना मिलते ही एनएच के अधिकारियों ने मौके पर मशीनें भेजकर सड़क खोली गई।
लगभग आठ बजे सड़क में यातायात सुचारु हुआ। एनएच में कई स्थानों पर बारिश के दौरान पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश से नदी नालों का जल स्तर बढ़ गया है।
कई स्थानों पर जलभराव की समस्या भी पैदा हो गई है। पिथौरागढ़ का देव सिंह मैदान भी पानी से लबालब हो गया। सड़कों की नालियां बंद हैं। सड़कों पर पानी बहने से लोगों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज होने से धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र कालापानी आदि चोटियों में हिमपात हुआ है। माइग्रेशन पर गए राजू रायपा और रवीश पतियाल ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में काफी ठंड पड़ रही है।
हिमपात होने से बीआरओ को सड़क निर्माण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय के अलावा डीडीहाट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, कनालीछीना आदि जिले के अन्य स्थानों में भी लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है।
थल-मुनस्यारी सड़क पर नया बस्ती में बढ़ा खतरा
नाचनी (पिथौरागढ़)। भारी बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क पर नया बस्ती में बुधवार रात्रि 11 बजे भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे सड़क बंद हो गई। जेई कृष्णा पिपलिया को सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार सुबह सात बजे डोजर से सड़क खोली।
आधे घंटे बाद फिर सड़क में मलबा आ गया। मलबा हटाने में डेढ़ घंटे का समय लगा। सड़क के सौ मीटर क्षेत्र में लगातार पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। इससे सड़क खोलने में डोजर ऑपरेटर के लिए भी खतरा बना है। लगातार बारिश से रामगंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
आधी चिता डूबी, बमुश्किल किया दाह संस्कार
थल (पिथौरागढ़)। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से बृहस्पतिवार सुबह से ही रामगंगा नदी का जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई। बेड़ीनाग के सांगड़ गांव से बृहस्पतिवार को थल में रामगंगा घाट पर शव दाह संस्कार करने आए थे। किनारे में चिता लगाने के कुछ देर बाद रामगंगा का जल स्तर बढ़ गया।
इससे आधी चिता पानी में डूब गई। इसके बाद बड़ी मुश्किल से दाह संस्कार कर किया गया। जलस्तर बढ़ने के साथ पानी मटमैला हो गया है। मई के प्रचंड गर्मी के महीने में पहली बार रामगंगा नदी का जलस्तर बरसात से पहले ही बढ़ गया है।
नजंग में पहाड़ी से बोल्डर गिरने से दो दुकानें क्षतिग्रस्त
धारचूला। सीमांत क्षेत्र में मानसून से पहले ही हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से धारचूला के नजंग में पहाड़ी से गिरे बोल्डरों से त्रिलोक सिंह और लीला देवी की दुकानों को नुकसान पहुंचा है।
पत्थरों की चपेट में आने से लीला देवी, त्रिलोक सिंह और उनकी पत्नी बसंती देवी को हल्की चोटें भी पहुंची हैं। जिप्ती के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने घटना की सूचना प्रशासन को दे दी है।
प्रशासन ने कोविड कर्फ्यू में दी आधे घंटे की ढील
टनकपुर (चंपावत)। जिले के मैदानी क्षेत्र में भी बुधवार रात से झमाझम बारिश जारी है। पूरी रात तेज बारिश से मौसम सर्द हो गया है। सुबह नौ बजे बाद मौसम खुला तो लोगों ने जरूरी सामान की खरीदारी की, लेकिन कुछ देर बाद फिर बारिश शुरू हो गई।
मौसम की वजह से प्रशासन ने कोविड कर्फ्यू में आधे घंटे की ढील दी। इस कारण दस के बजाय 10:30 बजे से कर्फ्यू लागू किया। इधर बारिश के कारण कर्फ्यू के दौरान चल रहे व्यावसायिक कार्य प्रभावित रहे। शारदा से खनिज निकासी पर भी मौसम का असर पड़ा है।
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