सार
रामनगर में दहेज की मांग को लेकर नव विवाहिता कोहिनूर (20) की कॉलर बोन और गर्दन की हड्डी तोड़कर मुंह में कपड़ा ठूंसकर हत्या की गई। पुलिस ने पति उवेश, सास नसरीन, जेठ अनस और ननद शबा को गिरफ्तार कर हल्द्वानी में मामले का खुलासा किया।
रामनगर के खताड़ी स्थित ऊंटपड़ाव इलाके में दहेज की मांग के चलते नव विवाहिता कोहिनूर (20) की निर्मम हत्या कर दी गई। उसकी दोनों कॉलर बोन और गर्दन की हड्डी तोड़ीं और मुंह में कपड़ा ठूंसकर गला घोंटा गया। हत्या का आरोप कोहिनूर के पति उवेश, सास नसरीन, जेठ अनस और ननद शबा पर है। हत्या 16 अक्तूबर को हुई थी, पुलिस ने 22 अक्तूबर को चारों आरोपी गिरफ्तार कर हल्द्वानी स्थित पुलिस बहुउद्देशीय भवन में खुलासा किया।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि 18 अक्तूबर को मुरादाबाद में ठाकुरद्वारा के डिलारी स्थित बुढनपुर गांव निवासी नसीम अहमद ने पुलिस को तहरीर दी थी। पीड़ित ने बताया कि 16 मई 2026 को उन्होंने अपनी बेटी कोहिनूर की शादी रामनगर के उवेश से की थी। आरोप था कि ससुराल पक्ष के लोग लगातार दहेज बतौर बुलट बाइक और पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर 16 अक्तूबर को कमरे में बंद कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से जब पूछताछ की तब सामने आया कि पति घुटने के बल कोहिनूर की कॉलर बोन पर बैठा और तोड़ दीं। सास ने मुंह में कपड़ा ठूंसा और इसके बाद गला दबाकर गर्दन की हड्डी तोड़ दी।
शर्ट पहने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
एसएसपी ने बताया कि वारदात की सुबह नसरीन ने अपने दूसरे बेटे की शर्ट उवेश को पहनाई थी। इस पर कोहिनूर ने आपत्ति जताई और अपनी शर्ट पहनने को कहा। इस बात पर झगड़े की शुरूआत हुई। तभी सभी ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और कमरे में बंद कर पांच घंटे तक भूखा रखा। घंटों बाद आरोपी एकत्र होकर वापस कमरे में पहुंचे और फिर मारपीट शुरू कर दी। अपने बचाव में सास और ननद को कोहिनूर ने धक्का दिया। इसके बाद आरोपियों ने हत्या का मन बनाया और वारदात को अंजाम दिया।
फांसी लगाने की नहीं थी जगह, निशान से गहराया शक
आरोपी जब मौत के बाद कोहिनूर को अस्पताल ले गए तब जांच करने वाले डॉक्टर को गले पर फंदे का निशान न मिलने पर शक हुआ और पुलिस को बुलाया। इसके बाद पुलिस ने हल्द्वानी से फॉरेंसिक टीम पहुंची और ससुरालियों के बताए घटनास्थल पर जांच की। पता चला कि आरोपी जिस जगह पर फांसी लगाने की बात कह रहे थे वहां इतनी जगह ही नहीं थी। बेड और पंखे के बीच इतनी ऊंचाई नहीं थी कि कोई व्यक्ति फंदा लगा सके। तभी पुलिस ने सख्ती से पूछताछ शुरू की और मामले का खुलासा हुआ।
मामले का खुलासा करने वाली टीम को 2500 रुपये नकद इनाम दिया गया है। वहीं आरोपियों को फांसी की सजा मिल सके इसके लिए अपील और कोर्ट में मजबूत पैरवी की जाएगी। डॉ. मंजुनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल