नैनीताल। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सलाहकार सुभाष बगौली ने कहा कि सरकार प्रदेश में पर्यटन को नई गति देने और देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लगातार नए पर्यटन स्थलों को चिह्नित कर उन्हें विकसित कर रही है। राज्य सरकार का मुख्य फोकस नए पर्यटन गंतव्यों का विकास करना है ताकि पर्यटकों को नए अनुभव मिल सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार व निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।
रविवार को नैनीताल क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सलाहकार बगौली ने बताया कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं के कई अनछुए पौराणिक व ऐतिहासिक स्थलों को चिह्नित कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। सरकार ने नए और स्थापित गंतव्यों के लिए बजट स्वीकृत किया है जिसमें महासू देवता हनोल टूरिज्म प्लान के लिए लगभग 98.80 करोड़ रुपये, माणा गांव डेस्टिनेशन प्लान के लिए 56.26 करोड़ रुपये और श्री जागेश्वर धाम मास्टर प्लान के लिए 55.57 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत पिथौरागढ़ के ग्रामीण पर्यटन क्षेत्रों और चंपावत के खूबसूरत टी-गार्डन क्षेत्रों को नए आकर्षण के रूप में निखारा जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि वाइब्रेंट विलेज मास्टर प्लान के जरिए सीमांत गांवों को होम-स्टे और पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर नए डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाई जाए, जिससे पर्यटकों की आमद बढ़े और पहाड़ों से पलायन रुक सके।
इससे पूर्व भाजपा नैनीताल मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की ने उन्हें राम दरबार का चित्र भेंट किया। कार्यक्रम में मोहित लाल शाह, कमल जोशी और गौरव हार्पर आदि मौजूद रहे।