रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले का श्रेय लेने की होड़ में कांग्रेस के दो गुट भिड़ गए। अपने नेता के पक्ष में नारे लगाने को लेकर खूब बवाल हुआ। एक गुट ने कांग्रेस के प्रदेश सचिव शराफत खान के घर पर हॉकी और डंडों से हमला कर दिया। हमले में शराफत, उनका भाई (रिसर्च स्कालर) और पड़ोसी लहूलुहान हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया। घटना के बाद बेस अस्पताल में घायलों को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को अस्पताल से खदेड़ा। इधर अब्दुल मतीन सिद्दीकी पक्ष के भी तीन लोगों ने मेडिकल कराया है। घटना के चलते क्षेत्र में तनाव है।
बेस अस्पताल में इलाज के लिए आए कांग्रेस के प्रदेश सचिव शराफत खान ने बताया कि उनकी संस्था एबीसी फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका वित्तमंत्री की तरफ से दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद क्षेत्र के लोग उन्हें सम्मानित करना चाहते थे। इस कार्यक्रम में दर्जा मंत्री सुहेल सिद्दीकी को मुख्य अतिथि बनाया गया था। शराफत का आरोप है कि दर्जा मंत्री अब्दुल मतीन सिद्दीकी के समर्थक श्रेय लेने के लिए जुलूस निकालने लगे। वे मतीन सिद्दीकी जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। शराफत ने उनसे वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश जिंदाबाद के नारे लगाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।
विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि एक पक्ष ने शराफत के घर पर हमला कर दिया। हमले में शराफत , उनके छोटे भाई मोअज्जम खान, पड़ोसी वसीम घायल हो गए। आरोप है कि बीच बचाव करने पर शराफत की पत्नी इमराना और मोअज्जम की पत्नी रोमाना से दुर्व्यवहार किया गया। घटना के बाद शराफत के समर्थक भी हमला करने के लिए जाने लगे लेकिन शराफत ने रोक लिया। घायलों को बेस अस्पताल ले जाया गया। बेस के बाद वे इलाज के लिए एसटीएच ले जाए गए। शराफत ने अस्पताल में थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी से सुरक्षा की गुहार लगायी और आरोप लगाया कि हमलावर पहले भी आपराधिक घटना कर चुके हैं। इधर अब्दुल मतीन के दोनों पुत्र जुबेर, सुमेर और सईद अनवर ने भी एसटीएच में मेडिकल मुआयना कराया है। मंडी समिति अध्यक्ष सुमित हृदयेश ने एसटीएच जाकर घायलों का हाल जाना।