हल्द्वानी। एसटीएच में खून की नेट टेस्टिंग जांच बंद हो गई है। यहां रक्त जांच की सबसे उन्नत तकनीक है। विशेष रूप से हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, एचआईवी के लिए रक्त में न्यूक्लिक एसिड की उपस्थिति का पता लगाने में मदद करती है। जिस मशीन की मदद से नेट टेस्टिंग होती है, उसे स्थापित किए केवल दो वर्ष हुए हैं।
न्यूक्लिक एसिड टेस्ट यानी नेट टेस्टिंग से रक्त के अंदर दो दिन पुराने संक्रमण का भी पता चलता है। इससे उन्नत तकनीक अब तक नहीं है। मरीज को रक्त चढ़ाने में कई बार संक्रमण का खतरा रहता है इससे बचने और पता लगाने के लिए रक्त की स्क्रीनिंग के लिए नेट टेस्टिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है। सुशीला तिवारी अस्पताल में दो साल पहले एक कंपनी की ओर से स्थापित मशीन का एनएचएम से अनुबंध पांच साल तक का है लेकिन अचानक जांच बंद कर दी गई है। इस मशीन से अब तक संक्रमित खून के 320 से अधिक मामले पकड़ में आ चुके हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि अंग प्रत्यर्पण में भी उन्नत तकनीक का फायदा मिलता है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ.सलोनी उपाध्याय ने बताया कि इस बारे में प्राचार्य को सूचना दे दी गई है। इधर प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि एनएचएम की ओर से निर्देश के बाद फिलहाल नेट टेस्टिंग अस्थायी रूप से बंद हुई है। आगे का फैसला केंद्र स्तर का मामला है।