गौला बैराज स्थित सिंचाई विभाग का कंट्रोल रूम बाढ़ सुरक्षा दावों की पोल खोल रहा है। कंट्रोल रूम में लगा पुलिस का वायरलेस शोपीस बना है। कंट्रोल रूम में अभी तक वायरलेस आपरेटर की तैनाती नहीं हो सकी है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को वायरलेस चलाना नहीं आता हैं। आपातकालीन ड्यूटी अफसर भी हाजिरी लगाकर बैराज से गायब हो गए।
मौसम विभाग ने सात जुलाई तक अतिवृष्टि का अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ सुरक्षा के मद्देनजर राहत एवं बचाव की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा करते हुए जिले को सेक्टर और जोन में बांटकर अफसरों की ड्यूटी निर्धारित की है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आपातकालीन ड्यूटी पर लगाए अफसर 72 घंटे तक अपना क्षेत्र नहीं छोड़ेंगे।
काठगोदाम बैराज क्षेत्र अति संवेदनशील है। गौला का जलस्तर बढ़ने पर बैराज के गेट खोले जाते हैं। इसका पानी भू कटाव करने के साथ ही तबाही मचाता है। बैराज में सिंचाई विभाग का स्थायी कंट्रोल है। कंट्रोल रूम में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी निर्धारित है।
लेकिन वायरलेस काउंटर खाली पड़ा है। वायरलेस काउंटर में अभी पुलिस आपरेटर की ड्यूटी नहीं लगी है। सिंचाई कर्मी वायरलेस सिस्टम को नहीं चला पाते हैं। वायरलेस सिर्फ सूचनाएं सुनने का काम आ रहा है।
बैराज पर सहायक खेल निदेशक अख्तर अली की आपातकालीन ड्यूटी लगी है। कर्मचारियों के मुताबिक बैराज में ड्यूटी अफसर नहीं पहुंचे हैं। हालांकि, अख्तर अली का कहना है कि दोपहर में बैराज गए और जानकारी लेकर वापस लौट आए।
दीपक रावत कहते हैं कि डीएम बैराज के कंट्रोल रूम वायरलेस सेट पर 24 घंटे पुलिस की ड्यूटी अनिवार्य है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी वैकल्पिक व्यवस्था पर वायरलेस आपरेट कर सकते हैं, लेकिन स्थायी व्यवस्था के लिए जल पुलिस की ड्यूटी जरूरी है। पुलिस कर्मियों की ड्यूटी निर्धारित कराई जाएगी। आपातकालीन ड्यूटी से गायब रहने वाले अफसरों का सस्पेंड किया जाएगा।