कालाढूंगी नैनीताल मार्ग पर इस मोड पर हुआ था हादसा। संवाद
रामनगर (नैनीताल)। सड़क सुरक्षा को लेकर आए दिन सचेत करने वाला सिस्टम मार्ग को दुरुस्त करने में फेल साबित हो रहा है। कालाढूंगी से लेकर नैनीताल तक सिस्टम की लापरवाही से मार्ग पर खतरा ही खतरा बना हुआ है। मार्ग पर कहीं पैरापिट तो कहीं पर सड़क क्षतिग्रस्त है। ऐसे में यात्री जान हथेली पर रखकर नैनीताल आवाजाही कर रहे हैं।
रविवार को हुए हादसे में सात लोगों की मौत के बाद अमर उजाला से कालाढूंगी से घटनास्थल घटगड़ तक पड़ताल की। इस दौरान कई जगह ऐसे मिले, जहां पर वाहन चलाना अत्यधिक खतरनाक है। इन जगहों को लेकर यदि प्रशासन अब भी नहीं चेता तो आगे भी ऐसे ही हादसे होते रहेंगे।
कालाढूंगी से आगे लाल मिट्टी क्षेत्र में ऐसा तीव्र मोड़ है, जहां पर वाहन चालक अपना नियंत्रण खो बैठते है। इस जगह पर नजदीक बने स्पीड ब्रेकरों की संख्या और कुछ दूरी पर बढ़नी चाहिए, ताकि वाहनों की गति धीमी हो जाए। इस मोड से आगे चलने पर चढ़ाई शुरू होने से पहले ही बायीं ओर खाई है। खाई से बचने के लिए वाहन चालक अधिकतर गलत दिशा में वाहन ले जाते हैं।
ब्रहमबुबू धाम की चढ़ाई के आगे चार-पांच मोड़ के बाद सड़क क्षतिग्रस्त है, जिसमें छोटी गाड़ियों के आने-जाने में समस्या हो रही है। शिव मंदिर के पास तीन चार कलमट ऐसे क्षतिग्रस्त हैं, जिनमें आए दिन हादसे होते रहते हैं।
इनके अलावा घटगड़ के पास सड़क क्षतिग्रस्त है, जिसमें काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इस कारण यहां पर आए दिन हादसे होते है। यदि समय रहते प्रशासन नहीं चेता तो आगे भी ऐसे ही हादसे होते रहेंगे।