प्रदेश सरकार की अनदेखी से नाराज पूर्व सीएम एनडी तिवारी के परिवार की गफूरबस्ती में भी सक्रियता बढ़ी है। समझा जाता है कि पूर्व सीएम ने दमुवाढूंगा के बाद गफूरबस्ती का मामला उठाकर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
एनडी तिवारी ने पिछले साल सुशीला तिवारी अस्पताल की समस्याओं सहित कई मामलों को उठाया था, लेकिन सीएम हरीश रावत ने आश्वासन देकर तिवारी को शांत कर दिया। प्रदेश सरकार की अनदेखी का मामला अंदर ही अंदर तिवारी परिवार के लिए घाव बन गया।
पूर्व सीएम के जन्मदिन समारोह में वित्तमंत्री ने शामिल होकर घाव भरने की कोशिश की, लेकिन लगता नहीं है कि घाव भर गया है। कांग्रेस की तरफ से एनडी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी को टिकट देने के मामले में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
लोगों का मानना है कि इसी दर्द से परेशान एनडी तिवारी ने दमुवाढूंगा को मालिकाना हक दिलाने के मुद्दे को उठाया। इसी प्रकार गफूरबस्ती के मुद्दे को उठाकर पूर्व सीएम ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस सभा में वक्ताओं ने सीधे वित्तमंत्री को कठघरे में खड़ा किया। माना जा रहा है कि इसका असर वित्तमंत्री के विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है।