नैनीताल। हाईकोर्ट ने रुद्रपुर में नजूल भूमि पर नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे बहुमंजिला सभागार और नालों के ऊपर शौचालय के निर्माण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद नगर निगम को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से कहा गया कि बैगुल नदी में जो कूड़ा फैला है उसे शीघ्र हटाकर नदी को साफ किया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार आवास विकास रुद्रपुर निवासी रामबाबू ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नगर निगम की ओर से बैगुल नदी में कूड़ा डाला जा रहा है जिसकी वजह से नदी प्रदूषित हो चुकी है। नगर निगम ने शहर में नाले के ऊपर शौचालय बना दिया है। नगर निगम नजूल भूमि पर सरकार व जिला विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना सभागार बना रहा है जो नियम विरुद्ध है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इसकी शिकायत जब उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण से की तो प्राधिकरण ने इस अवैध निर्माण पर नगर निगम के ऊपर 1 करोड़ 72 लाख का जुर्माना लगा दिया। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि बैगुल नदी से कूड़ा हटाकर उसे साफ किया जाए। जिला विकास प्राधिकरण ने जो जुर्माना नगर निगम पर लगाया है उसे दोषी अधिकारियों से वसूला जाए। संवाद