नैनीताल। शुक्रवार रात दो बजे तेज बारिश के कहर से नारायण नगर क्षेत्रवासी दहशत में पड़ गए। बारिश इतनी तेज थी कि दोबारा से कैमल्स बैक के नाले से पत्थर और मलबा आना शुरू हो गया। रातभर ग्रामीण एक दूसरे की मदद के लिए खड़े रहे। ग्रामीणों ने बताया कि जब बारिश की तेज आवाज सुनाई दी तो बोल्डर व मलबा के साथ-साथ बारिश का पानी तेज रफ्तार से घरों में धुसने लगा। जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। शनिवार को तहसीलदार नंद राम, पालिका के जेई ईश्वर सिंह रौतेला व पटवारी अमित साह ने क्षेत्र में पहुंचकर पीडित परिवारों से जानकारी व मलबे का निरीक्षण किया।
पुनर्वास की व्यवस्था करे जिला प्रशासन
नैनीताल। पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि क्षेत्र के लोग बारिश के दौरान असुरक्षित हैं। जिला प्रशासन को इनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
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रतन काटेज क्षेत्र के घरों में घुसा मलबा व पानी
नैनीताल। रतन काटेज क्षेत्र में शुक्रवार रात तेज बारिश से घरों में मलबा व पानी घुस गया। जिसकी वजह से रात भर क्षेत्र में अफरातफरी का महौल रहा। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि पालिका ने सीसी मार्ग तो बनवा दिया, लेकिन पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने पालिका से दीवार और नाला बनाने की मांग की है।
कुंती देवी व ख्याली राम ने बताया कि शुक्रवार रात दो बजे परिवार के साथ सो रहे थे तो अचानक बारिश का बहाव तेज होने के कारण उनकी छत से किचन, बैडरूम पानी से भर गया। उन्होंने जल्दी से अपने नाती पोतो ईशिता, चिराग और गरिमा को उठाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा। इसके बाद उन्होंने घर में घुसे पानी को निकाला और रात भर जागकर बाल्टी से पानी फेंका। चंद्रा कफलिया ने बताया कि वह किराये के मकान में रहती हैं। आए दिन बारिश में मलबा व पानी उनके घर में घुस जाता है। मुखर्जी निर्माण और नाथू राम ने बताया कि नाले के ब्रांच में जल संस्थान ने सीवर और पेयजल लाइन बिछाई है। जब बारिश के दौरान मलबा नाले में आता है तो पाइप लाइन में अटक कर ओवर फ्लो होता है। उन्होंने शीघ्र जलसंस्थान से सीवर व पेयजल लाइन हटाने की मांग की है।