नैनीताल। एनएच घोटाले के आरोपी मूल रूप से झांसी निवासी पूर्व चकबंदी अधिकारी गणेश प्रसाद निरंजन की मंगलवार रात नगर के एक होटल में मौत हो गई। वह कोर्ट की तारीख में हिस्सा लेने पहुंचे थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस के अनुसार गणेश प्रसाद निरंजन (61) मूल निवासी उरई, जिला जालौन, झांसी और हाल निवासी हरिद्वार मंगलवार को अपनी पत्नी मुन्नी देवी निरंजन के साथ कोर्ट में तारीख के लिए नैनीताल पहुंचे थे। मंगलवार दिन में दो बजे वह मल्लीताल स्थित एक होटल में रुके थे।
होटल कर्मियों के अनुसार शाम तीन बजे वह नयना देवी मंदिर गए। वहां से लौटने के बाद उन्होंने होटल में आकर खाना खाया। खाना खाने के बाद वह आराम कर रहे थे तभी उनकी तबियत बिगड़ने लगी। पत्नी मुन्नी देवी ने उन्हें दवा दी लेकिन देर रात तक तबियत में सुधार नहीं हुआ। इसी बीच उनके मुंह से झाग निकलने लगा। यह देख आनन-फानन में उनकी पत्नी होटल कर्मियों की मदद से उन्हें बीडी पांडे अस्पताल ले गईं जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉ. शुतांशु शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टि में मौत की वजह हार्ट अटैक लग रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के स्पष्ट कारणों का सही पता चल पाएगा।
पुलिस के मुताबिक पूर्व चकबंदी अधिकारी गणेश प्रसाद निरंजन एनएच घोटाले के आरोपी थे। उन्हें बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट में पेश होना था।