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Year Ender 2023: उत्तराखंड को कई गम दे गया ये साल, इन हादसों से खूब रोया 'पहाड़'; विदेश तक हुआ दर्द का एहसास

Sat, 23 Dec 2023 07:45 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

साल 2023 खत्म होने में कुछ ही दिन बचे हुए हैं। तो वहीं, उत्तराखंड में 2023 की शुरुआत से लेकर साल खत्म होने तक कुछ ना कुछ ऐसा होता रहा जो सुर्खियों में बना रहा। जिसे देखते हुए कहा जा सकता है कि साल 2023 उत्तराखंड के लिए कई उतार-चढ़ाव लेकर आया।
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uttarakhand - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Year Ender 2023: हम साल 2023 खत्म होने से कुछ ही दिन दूर हैं। हर साल की तरह यह साल भी उत्तराखंड के लिए कई खट्टे-मीठे अनुभव लेकर आया है। उत्तराखंड में साल 2023 में कई ऐसी घटनाएं घटीं जिससे राज्य ही नहीं बल्कि देश-विदेश में भी हलचल बनी रहीं। उत्तराखंड में 2023 की शुरुआत से लेकर साल खत्म होने तक कुछ ना कुछ ऐसा होता रहा जो सुर्खियों में बना रहा। जिसे देखते हुए कहा जा सकता है कि साल 2023 उत्तराखंड के लिए कई उतार-चढ़ाव लेकर आया। साल के हर महीने में कुछ ना कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आइये खबर में जानते है इन घटनाओं के बारे में...

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जोशीमठ में मकानों और सड़कों पर दरारें आई
साल 2023 जनवरी में अचानक चमोली जिले के जोशीमठ से मकानों और सड़कों पर दरारें पड़ने की खबर सामने आई। इस खबर ने प्रदेश के साथ-साथ देश के लोगों को भी हैरान कर दिया। जोशीमठ में भू-धंसाव का कारण बेतरतीब निर्माण, पानी का रिसाव, ऊपरी मिट्टी का कटाव और मानव जनित कारणों से जल धाराओं के प्राकृतिक प्रवाह में रुकावट को बताया गया। इस दौरान भूस्खलन वैज्ञानिकों का कहना था कि पिछले दो दशक में जोशीमठ का अनियंत्रित विकास हुआ है। बारिश और पूरे साल घरों से निकलने वाला पानी नदियों में जाने के बजाय जमीन के भीतर समा रहा है। यह भू-धंसाव का प्रमुख कारण है।

धौलीगंगा और अलकनंदा नदियां विष्णुप्रयाग क्षेत्र में लगातार टो कटिंग (नीचे से कटाव) कर रही हैं। इस वजह से भी जोशीमठ में भू-धंसाव तेजी से बढ़ा है। वहीं, 2013 में आई केदारनाथ आपदा, 2021 की रैणी आपदा, बदरीनाथ क्षेत्र के पांडुकेश्वर में बादल फटने की घटनाएं भी भू-धंसाव के काफी हद तक जिम्मेदार हैं। 

वहीं, जोशीमठ की इन दरारों के लिए राज्य सरकार ने मार्च महीने में 1000 करोड़ रुपये करने का मन बनाया। इसके बाद केंद्र सरकार से भी राहत पैकेज देने का आग्रह किया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हई।

जोशीमठ कहां स्थित है? 
‘गेटवे ऑफ हिमालय’ के नाम से मशहूर जोशीमठ, जिसे ज्योतिर्मठ के नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड के चमोली जिले में एक शहर और एक नगरपालिका बोर्ड है। यह 6150 फीट (1875 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है जो बद्रीनाथ जैसे तीर्थ केंद्रों का प्रवेश द्वार भी है। यह आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार प्रमुख पीठों में से एक है। धार्मिक, पौराणिक और एतिहासिक शहर होने के साथ ही यह इलाका सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यहां से भारत-तिब्बत सीमा महज 100 किलोमीटर दूर है। हेमकुंड साहिब, औली, फूलों की घाटी आदि स्थानों पर जाने के लिए यात्रियों को इसी जोशीमठ से होकर गुजरना पड़ता है।

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चमोली में नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर करंट फैलने से 16 की मौत और 11 झुलसे
2023 जुलाई के महीने में उत्तराखंड के चमोली में अलकनंदा नदी के किनारे नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर अचानक करंट फैल गया। दर्दनाक हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई और कई लोग बुरी तरह झुलस गए। यह हादसा इतना दर्दनाक था कि जिसने भी सुना और पढ़ा वह अपने आंसू नहीं रोक पाया। हादसे के वक्त नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर काम चल रहा था और जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त साइट पर 24 लोग मौजूद थे।

इस दौरान चमोली के ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना ने बताया था कि बिजली का तीसरा फेस डाउन हो गया था। तीसरे फेज को जोड़ा गया, जिसके बाद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में करंट दौड़ गया। ट्रांसफार्मर से लेकर मीटर तक कहीं एलटी और एसटी के तार नहीं टूटे हैं, मीटर के बाद तारों में करंट दौड़ा है।

पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली घटना में मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपए और घायलों को एक-एक लाख रुपए की राहत राशि देने के निर्देश दिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चमोली घटना के संबंध में जानकारी भी ली थी।

गंगोत्री हाईवे पर हादसा - फोटो : अमर उजाला

गंगोत्री हाईवे पर खाई में गिरी बस, सात की मौत और 28 घायल
उत्तराखंड में सड़क हादसा होना आम बात है। अगस्त 2023 में गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी के पास यात्रियों को लेकर जा रही एक बस खाई में गिरी। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। वहीं,  28 लोग घायल हो गए। 

हादसे में इनकी गई जान

1. मीना बेन उपाध्याय(51)
2. गणपतराम मेहता,(61)
3. दक्षा मेहता(57) 
4. राजेश मैर(40) 
5. अनिरूद्ध जोशी(35)
6. गिगा बाई भमर(40) 
7. करनजीत भाटी(29) 

गंगोत्री हाईवे पर पहले भी हुई हैं कई दुर्घटनाएं
उत्तरकाशी में पहले भी बड़ी दुर्घटनाएं हुई हैं। 1995 में हुए बस हादसे में 70 और 2017 में हुए बस हादसे में 30 लोगों की जिंदगी लील ली थी। जिले में डबराणी, गंगनानी और नालूपानी का हादसे की दृष्टि से काला इतिहास रहा है।

  • 20 सितंबर 1995 को गंगोत्री हाईवे पर डबराणी में हुए बस हादसे में 70 लोगों की जान गई थी।
  • 9 जून 2003 को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी में कार हादसे में 4 लोगों की मौत हुई थी।
  • 9 जुलाई 2006 को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी में बस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई थी।
  • 21 जुलाई 2008 को गंगोत्री हाईवे पर सुक्की में बस हादसे में 14 लोगों की मौत हुई थी।
  • 10 दिसंबर 2009 को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी में मैक्स हादसे में 12 लोगों की मौत हुई थी।
  • 9 जून 2010 को गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी में कार हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी।
  • 1 अगस्त 2010 को गंगोत्री हाईवे पर डबराणी में ट्रक हादसे में 27 लोगों की मौत हुई थी।
  • 21 मई 2017 को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी में बस हादसे में 30 लोगों की मौत हुई थी।
  •  7 जून 2022 को यमुनोत्री हाईवे पर डाम्टा में बस हादसे में 26 लोगों की मौत हुई थी।

सुरंग हादसा - फोटो : अमर उजाला

दिवाली के दिन सुरंग हादसा, 17वें दिन बाहर आए 41 मजदूर
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव तक निर्माणाधीन सुरंग के अंदर भूस्खलन होने से दिवाली पर बड़ा हादसा हो गया। सुरंग के सिलक्यारा वाले मुहाने के पास सुरंग का 60 मीटर हिस्सा टूट गया। जिससे सुरंग में मलबा आने के कारण 41 मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए। इस हादसे की चर्चा उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश-विदेश में हुई। राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार और देश-विदेश के एक्सपर्ट ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी आकर इस रेस्क्यू अभियान में अपना हाथ बंटाया। यह घटना भारत की सबसे बड़ी घटना में तब्दील हो गई। 
 

सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला

साल 2023 के नवंबर में उत्तराखंड के नैनीताल में दो अलग-अलग सड़क हादसों में 14 लोगों की मौत हो गई।
- नैनीताल के कोटाबाग ब्लॉक में बाघनी पुल के पास एक दिल्ली के नंबर की कार 500 मीटर गहरी खाई में गिरी। हादसे में कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गई है। 
-नैनीताल के ओखलकांडा ब्लॉक के छीड़ाखान-रीठासाहिब मोटर मार्ग में एक टैक्सी वाहन के खाई में गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई। साथ ही दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। 

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साल 2023 जून के महीने में उत्तराखंड के मुनस्यारी में भीषण सड़क हादसा हुआ। यहां एक बोलेरो जीप के गहरी खाई में गिरने से 9 लोगो की मौत हो गई। यह जीप बागेश्वर जिले के शामा से पिथौरागढ़ के नाचनी की तरफ जा रही थी।

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