नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान हुए घटनाक्रम पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले कर शुरू की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद प्रदेश के गृह सचिव और डीजीपी सहित उधम सिंह नगर के एसएसपी को शुक्रवार को कोर्ट में तलब किया है। कोर्ट ने किच्छा में गोली से एक बच्चे के घायल होने का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रदेश में गन कल्चर और कट्टा संस्कृति को स्वीकार नहीं किया जा सकता और भावी पीढ़ी के लिए ऐसी विरासत नहीं छोड़ी जा सकती। एसएसपी, नैनीताल सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे पूछा कि मतदान के दिन के लिए एसपी इंटेलिजेंस ने कोई इनपुट दिया जिससे एसएसपी ने इंकार किया।
एसएसपी ने कहा कि लाल कार जो पंचायत के पास होटल के बाहर खड़ी थी, जिसमें तलवारें थीं उसकी कस्टडी ले ली गई है।
कार मालिक फरार है। घटना में शामिल दो -तीन लोग रामपुर, दो- तीन रुद्रपुर और सात- आठ, नैनीताल से थे। उनकी सीडीआर ली जा रही है। छहएफआई दर्ज हैं। लापरवाही के लिए एक एसआई को निलंबित किया गया है। जांच पूरी करने को समय चाहिए। उन्होंने कहा कि हम जांच करेंगे कि कौन लोग बाहरी थे और वो लोग कैसे यहां आए हम सीसीटीवी फुटेज निकाल चुके हैं। होटल्स की चेकिंग भी की जा रही है, जिस होटल में ये लोग रुके थे उससे रिकॉर्ड लिया गया है। साथ ही हम ये भी जांच कर रहे हैं कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोग एंटी सोशल एक्टिविटी में इन्वॉल्व रहे है या नहीं।
एसएसपी ने कहा अपहरण करने के आरोपी हिस्ट्री शीटर नहीं हैं। हमने 14 लोगों की पहचान की है एक को गिरफ्तार किया है हमारी कार्रवाई जारी है अब इस अपराध को जोड़ कर हिस्ट्री शीट खोलेंगे।
कोर्ट ने कहा कि डीएम ने काउंटिंग संबंधी प्रक्रिया का एफिडेविट दिया है और एसएसपी ने भी घटनाक्रम का एफिडेविट दिया है। इन्हें रिकॉर्ड में ले लिया गया है। प्रदेश में विभिन्न फायरिंग की घटनाओं से लोग डिस्टर्ब हुए हैं। ऐसे गन कल्चर से शांति भंग हुई है। कोर्ट ने हाईकोर्ट की सुनवाई संबंधी वीडियो के वायरल होने व मीडिया में प्रयोग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कोर्ट की सामग्री है, इसका मनमाना प्रयोग न करें।