हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले की तहसील कांडा क्षेत्र में खड़िया खनन से मकानों में आई दरारों के मामले में बुधवार को सुनवाई की। खनन अधिकारी को दो दिन के भीतर पूरे बागेश्वर की पुरानी और वर्तमान की सेटेलाइट तस्वीरें पेश करने के निर्देश दिए हैं।
नैनीताल हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले की तहसील कांडा क्षेत्र में खड़िया खनन से मकानों में आई दरारों के मामले में बुधवार को सुनवाई की। खनन अधिकारी को दो दिन के भीतर पूरे बागेश्वर जिले की पुरानी और वर्तमान की सेटेलाइट तस्वीरें पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से गठित टीम की निरीक्षण रिपोर्ट पेश की गई।
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इस रिपोर्ट में बताया गया कि बागेश्वर में 61 खदानों का निरीक्षण किया गया, जबकि एक खदान का लाइसेंस निरस्त किया गया। वहीं 20 खदानों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पांच-पांच लाख का जुर्माना लगाया गया। कोर्ट ने खान अधिकारी को पूरे बागेश्वर जिले में खदानों की पूर्व तथा वर्तमान की सेटेलाइट तस्वीरों की पूरी डिटेल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 14 फरवरी को होगी। बागेश्वर जिले के कांडा क्षेत्र में खड़िया खनन से आवासीय मकानों में दरारें आ गई थीं। क्षेत्र में मलबे से पेयजल स्रोतों पर असर पड़ा है। हाईकोर्ट ने समाचारपत्रों में प्रकाशित खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है।