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Uttarakhand: दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को क्यों नहीं दिया न्यूनतम वेतनमान : हाईकोर्ट

Thu, 10 Apr 2025 02:42 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी को न्यूनतम वेतनमान देने पर विचार करने के आदेश का पालन नहीं करने पर सचिव मेडिकल हेल्थ एजूकेशन आर राजेश व निदेशक डाॅ. आशुतोष सयाना को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी को न्यूनतम वेतनमान देने पर विचार करने के आदेश का पालन नहीं करने पर सचिव मेडिकल हेल्थ एजूकेशन आर राजेश व निदेशक डाॅ. आशुतोष सयाना को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की पीठ ने यह आदेश दिया।

पौडी गढ़वाल निवासी महेश चंद्र, यशोधर डंगवाल, कपिल कुमार पांडे, बलबीर कुमार सहित अन्य ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर कहा था कि वे वीर चंद्र सिंह गढ़वाली गर्वमेंट मेडिकल साइंस एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट श्रीनगर में जनरेटर ऑपरेटर डेलीवेज के पद पर कार्यरत हैं।

अवमानना याचिका में कहा कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 12 मई 2017 व नौ फरवरी 2018 को आदेश पारित कर कहा था कि याचिकाकर्ताओं न्यूनतम वेतनमान देेन पर विचार करे। इसके खिलाफ सरकार ने खंडपीठ के समक्ष स्पेशल अपील दायर की, जिसे खंडपीठ ने 26 अक्तूबर 2018 को खारिज कर दिया। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में लीव टू अपील दायर की गई, वह भी खारिज कर दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इस संबंध में 13 नवंबर 2024 व 11 फरवरी 2025 को विपक्षीगणों को प्रत्यावेदन भी दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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