नैनीताल हाईकोर्ट ने खेल विभाग की ओर से नैनीताल के एकमात्र खेल मैदान डीएसए में स्थानीय खिलाड़ियों व स्थानीय टूर्नामेंट को प्रतिबंधित करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि फिलहाल स्थानीय टूर्नामेंट फुटबाल का लेंडो लीग मैच चाहे कोई भी संस्था कराए उसे कराया जाए।
मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उन्नति पंत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जब से डीएसए मैदान खेल विभाग को गया है तब से इस में स्थानीय लोगों की आवाजाही तथा स्थानीय टूर्नामेंट करने पर रोक लगा दी गई है जबकि इस मैदान में साल में 18 टूर्नामेंट होते हैं। याचिका में कहा गया कि स्थानीय लोगों व बच्चों को प्रैक्टिस करने तथा लेन्डो लीग टूर्नामेंट कराने की अनुमति दी जाए, तथा जोगिंग व प्रैक्टिस करने वालों से कोई शुल्क न लिया जाय। कोर्ट ने स्थानीय लोगों के मैदान में आने जाने तथा बच्चों व युवाओं को मैच की प्रैक्टिस व सुबह जॉगिंग करने पर खेल विभाग कोई पांबदी न लगाने को कहा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि शारीरिक व्यायाम स्वस्थ्य जीवन की आधारशिला है। चाहे व्यक्ति किसी उम्र का हो। अगर इस मैदान को स्थानीय लोगों के लिए बंद किया जाता है तो लोगों के स्वस्थ रहने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि इस मैदान में धार्मिक, राजनैतिक कार्य से ज्यादा महत्व खेलों का है इसलिए खेल विभाग, नगर पालिका, राज्य सरकार आपस में एक बैठक कर इस पर निर्णय लें कि किस खेल को कब कराया जाना है। कोर्ट ने 18 अगस्त तक इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए।