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Nainital News: नैनीताल कोर्ट का प्रभावशाली प्रॉपर्टी डीलरों पर एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर का आदेश

Sat, 09 May 2026 01:04 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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नैनीताल। सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने भीमताल के प्रभावशाली प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने और जातिसूचक गालियां देने के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश 7 मई 2026 को विकास नामक व्यक्ति की याचिका पर दिया गया, जिसने पुलिस पर आरोपियों के प्रभाव में आकर मामला दर्ज न करने का आरोप लगाया था।
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वाल्मीकि समुदाय के सदस्य विकास ने राजेश सिंह नेगी, मनोज नेगी, नितेश बिष्ट, साहिल रावत और त्रिलोकी नाथ सहित अन्य लोगों पर उसकी पैतृक भूमि हड़पने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। विकास ने बताया कि 19 सितंबर 2025 को उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। उसी रात उस पर लाठी-डंडों और तलवार से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने भीमताल पुलिस और अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों को असत्य बताया था। हालांकि, कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट और चोटों की तस्वीरों के आधार पर पुलिस की रिपोर्ट को खारिज कर दिया।


कोर्ट का आदेश और कानूनी आधार



सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने ललिता बनाम उत्तरप्रदेश राज्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया। इस फैसले के अनुसार, यदि प्रार्थनापत्र से किसी संज्ञेय अपराध का गठन होता है, तो पुलिस के लिए एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। पुलिस को एफआईआर दर्ज करने से पहले मामले की सत्यता का अंतिम निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भीमताल को भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार (निवारण) संशोधित अधिनियम, 2015 की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज दर्ज करने का आदेश दिया। यह भी आदेश दिया गया कि मामले की निष्पक्ष विवेचना किसी राजपत्रित अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाए।
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