आठ दिन बाद सोमवार को नगर पंचायत कार्यालय खोल दिया गया। नगर पंचायत के ईओ ने पांच लोगों के प्रमाण पत्र जारी किए। करीब आठ दिन पूर्व 16 अक्तूबर को नगर पंचायत कार्यालय में प्रशासक एसडीएम एके चन्याल ने ताला डलवा दिया था। ठेका प्रथा पर कार्य कर रहे कुछ कर्मियों पर अवैध वसूली के आरोप लगाए गए थे। ठेकेदार का ठेका निरस्त कर ठेका प्रथा पर रखे गए कर्मियों को फिलहाल हटा दिया गया है।
पिछले आठ दिनों से बंद पड़ा स्थानीय नगर पंचायत कार्यालय सोमवार को खेल दिया गया। प्रभारी ईओ जयवीर सिंह राठी ने बाकायदा पांच प्रमाण पत्र जारी किए। उन्होंने बताया कि ठेकेदार का ठेका निरस्त कर ठेका प्रथा पर रखे गए कर्मियों को हटा दिया गया है। फिलहाल कार्यालय के कार्य ईओ, जेई और पटवारी निपटा रहे हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व स्थापित बनबसा नगर पंचायत कार्यालय को 16 अक्तूबर को प्रशासक एसडीएम ने ताले डलवा बंद करा दिया था।
उनका कहना था कि आर्थिक तंगी से गुजर रही नवगठित नगर पंचायत में ठेका प्रथा पर कार्य करने वाले कर्मी आए दिन कार्य बहिष्कार कर रहे थे। ठेका प्रथा पर कार्य करने वाले कुछ कार्यालय कर्मियों पर अवैध वसूली करने की शिकायतें भी मिली थी, जिसकी एसडीएम द्वारा जांच की जा रही है। नगर पंचायत के कार्यों की व्यवस्था संपादित करने को टनकपुर नगर पालिका के ईओ को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फिलहाल नगर पंचायत में ठेके पर रखे गए कार्यालय लिपिक, सहायक, वाहन चालक, कंप्यूटर आपरेटर, चौकीदार समेत पंद्रह सफाई कर्मियों को हटा दिया गया है। नगर की सफाई व्यवस्था स्वछता समितियों के माध्यम से कराई जा रही है।
ठेकेदार ने अपने पास से किया है सफाई कर्मियों का भुगतान
नगर पंचायत के ठेकेदार योगेश खर्कवाल ने बताया कि उन्हाेेंने सफाई कर्मियों को पिछले माह वाल्मीकि जयंती और इस माह दीपावली पर्व के चलते अपने आप से भुगतान किया है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत प्रशासन ने ठेका निरस्त करने की जानकारी दी है, जबकि नगर पंचायत द्वारा उनका पिछला भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत प्रशासन ठेका निरस्त करने का स्पष्ट कारण भी नहीं बता रहा है।