माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। नगर निगम और प्रशासन की टीम ने लगातार तीसरे दिन मलिक के बगीचे में कार्रवाई की। वहां खाली पड़े प्लाटों को नगर निगम ने अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही एक चाहरदीवारी और निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया। अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध भी किया।
मंगलवार को फिर नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह मलिक के बगीचे पहुंचे। यहां उन्होंने अगल-बगल खाली प्लाटों को कब्जे में लेना शुरू कर दिया। पांच खाली प्लाटाें के चाराें ओर जेसीबी से गड्ढे करकर उनमें लोहे के एंगल लगाने शुरू किए। इसके बाद टीम वहीं एक निर्माणाधीन भवन पर पहुंची। जब कागज मांगे गए तो पता चला कि ये जमीन 50 रुपये के स्टांप पर खरीदी गई है।
टीम ने निर्माणाधीन भवन गिराने के लिए जेसीबी मंगाई तो वहां हंगामा शुरू हो गया। निर्माणाधीन मकान के मालिक ने आत्महत्या करने की धमकी दी। बाद में नगर निगम की टीम ने इसे सील कर दिया। साथ ही एक खाली पड़े प्लाट की चहारदीवारी के गेट को भी सील किया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि बनभूलपुरा में कच्ची जमीन स्टांप पर बेची जा रही है। इसकी कीमत 3000 रुपये से 5000 रुपये वर्गफिट तक है।
इस दौरान एसडीएम पारितोष वर्मा, सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट, एई नवल नौटियाल, सफाई निरीक्षक चतर सिंह आदि मौजूद रहे।
नगर निगम ने मदरसा और नमाज स्थल पर लगाया नोटिस
हल्द्वानी। नगर निगम ने मंगलवार शाम छह बजे मलिक के बगीचे में बने मदरसा और नमाज स्थल पर नोटिस चस्पा कर दिए। नोटिस अब्दुल मलिक के नाम से जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि आपने मलिक के बगीचे में नजूल भूमि पर अवैध रूप से मदरसा और नमाज स्थल बनाया हुआ है। इसे एक फरवरी तक ध्वस्त कर दें। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम इसे ध्वस्त कर देगा।