नैनीताल। यूपी से मजदूरी करने नैनीताल आए तीन मजदूरों की कोयले की गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। सूचना पर परिजन भी नैनीताल पहुंच गए। घटना से परिजनों में मातम छा गया।
पुलिस के अनुसार बदायूं निवासी अवनेश (24) पुत्र शियाराम, राजकुमार (21) पुत्र ऋषिपाल निवासी ग्राम सराय रायपुट्टी थाना बिनावर बदायूं और मुनेंद्र (21) पुत्र पप्पू श्रीवास्तव निवासी निजामगंज तिलहर शहजहांपुर कुछ दिन पहले यहां हाईकोर्ट के पास मजदूरी करने आए। वे यहां एक ही कमरे में रह रहे थे। रविवार रात ठंड से बचने के लिए उन्होंने कमरे के भीतर तसले में कोयले जलाए और खिड़की-दरवाजे बंद कर सो गए। सोमवार सुबह मजदूरों के परिजनों ने उनसे संपर्क करने के लिए कई बार फोन किए लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे परेशान परिजनों ने हल्द्वानी में रह रहे मजदूरों के ठेकेदार को फोन किया। इसके बाद तीनों ने ठेकेदार का फोन भी नहीं उठाया। इससे ठेकेदार भी घबरा गया और रात में ही हल्द्वानी से नैनीताल पहुंच गया। देर रात 12 बजे ठेकेदार कमरे में पंहुचा जो अंदर से बंद था। इस पर ठेकेदार ने खिड़की का कांच तोड़ कमरे में प्रवेश किया। कमरे में तसले में कोयले रखे थे और तीनों मजदूर बेहोश पड़े थे। आननफानन ठेकेदार ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने बेहोशी की हालत में ही तीनों मजदूरों को बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने बदायूं निवासी राजकुमार (21) और अवनेश (24) को मृत घोषित कर दिया। हालत गंभीर होने पर मुनेंद्र (21) को सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगलवार दोपहर बाद मुनेंद्र ने भी दम तोड़ दिया।
बीडी पांडे अस्पताल के डॉ. हाशिम अंसारी ने कोयले की गैस के कारण दम घुटने से तीनों मजदूरों की मौत की आशंका है। कहा कि मौत के स्पष्ट कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चल पाएगा। कोतवाल धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि दोपहर बाद मृतकों के परिजन भी नैनीताल पहुंच गए। पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
तीनों में जीजा साले और चचेरे भाई का रिश्ता था
नैनीताल। नैनीताल में सोमवार की आधी रात जिन तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत हुई उनमें जीजा साले और चचरे भाई का रिश्ता था। परिजनों के मुताबिक राजकुमार और अवनेश चचेरे भाई थे जबकि मुनेंद्र अवनेश का साला था। परिजनों ने बताया कि इन सभी से उनकी रविवार शाम आखिरी बार बात हुई थी।