रामनगर। मुजफ्फरनगर कांड की 22वीं बरसी पर राज्य आंदोलन में शहीद हुए 42 से ज्यादा आंदोलनकारियों की शहादत को याद करते हुए खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा दिए जाने की मांग को लेकर धरना दिया गया। शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी गयी।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि 22 वर्ष बाद भी मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा नहीं मिल पायी है। उन्होंने कांग्रेस -भाजपा की सरकारों को कोसा। कहा कि शहीदों के सपने अधूरे रह गये हैं। राज्य में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, जमीनों की लूट ने शहीदों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। सभा का संचालन राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने किया।
शहीदों को श्रद्धांजलि देने वालों में राज्य आंदोलनकारी शीला भंडारी, डा. धनेश्वरी घिल्डियाल, सुमित्रा बिष्ट, कमला पांडे, पीतांबरी रावत, हरिमोहन, मोहन योगेश सती, इंद्र सिंह मनराल, मनमोहन अग्रवाल, हरीश चन्द्र घिल्डियाल, पान सिंह नेगी, मो. नबाब अहमद, अब्दुल सबुर, कमरुद्दीन, सुमन चंद्र जोशी, राजेंद्र कुलाश्ररी, नवेंदु मठपाल, मुनीष कुमार, किशन आदि मौजूद रहे।