पुलिस ने 19 दिन से लापता व्यक्ति की गुत्थी सुलझाते हुए हत्या करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मालिक की हत्या उसकी किराएदार महिला ने बेटे और भतीजे के साथ मिलकर की थी। हत्या की वजह मालिक द्वारा महिला और बेटी पर गलत नजर रखना थी। आरोपी मालिक को रेलवे ट्रैक पर लिटाकर आत्महत्या का रुप देना चाहते थे, लेकिन ट्रेन आने से पहले ही होश में आने की वजह से उसका गला काट दिया गया। पुलिस ने मां-बेटे सहित तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है।
रविवार को कोतवाली में पत्रकार वार्ता में सीओ जीसी टम्टा ने बताया कि बीती 31 अगस्त को ग्राम किशनपुर जसपुर निवासी धर्मपाल घर से काशीपुर जाने की बात कहकर गया था और लापता हो गया था। धर्मपाल की पत्नी बबीता ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जब पुलिस ने गुमशुदगी की छानबीन की तो धर्मपाल की हत्या होने की बात सामने आई थी। धर्मपाल की हत्या के आरोप में किराएदार सुखविंदर कौर, बेटा मंगल और भतीजे मनजीत को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में पता चला कि ग्राम हल्दुआ रामनगर में धर्मपाल (26) के मकान में सिंगारा सिंह की विधवा सुखविंदर कौर अपनी नाबालिग बेटी और बेटे मंगल सिंह के साथ किराए पर रहती थी। धर्मपाल कई बार शराब के नशे में धुत होकर आ जाता था और सुखविंदर पर बुरी नजर रखता था। एक बार धर्मपाल जबर्दस्ती सुखविंदर से संबंध भी बना चुका था। धर्मपाल द्वारा नाबालिग बेटी पर गंदी निगाह रखने के बाद सुखविंदर ने बेटे के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगाने की योजना बना ली।
31 अगस्त को सुखविंदर कौर ने धर्मपाल को घर बुलाया और शराब में नशे की गोलियां देकर उसे बेहोश कर दिया। बेहोशी की हालत में धर्मपाल को मंगल ने अपने चचेरे भाई मनजीत सिंह के साथ मिलकर बाइक पर बिठाया। दोनों उसे लेकर कुंडेश्वरी-जैतपुर मोड़ के पास रेलवे पुल के पास रेलवे ट्रैक पर ले गए। दोनों धर्मपाल को ट्रेन से कटवाकर आत्महत्या का रुप देना चाहते थे। इसी बीच धर्मपाल होश में आया गया, जिसके बाद मंगल ने पाटल से उसकी गर्दन काट दी। दोनों शव को पटरी पर छोड़कर घर आ गए।
एक सितंबर को स्वार पुलिस ने सुसाइड का मामला मान कर शव का लावारिस में दाह संस्कार कर दिया। सीओ ने बताया कि शव के फोटो एवं कपड़ों से धर्मपाल की शिनाख्त परिजनों ने की। सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल लिया। हत्या में प्रयुक्त पाटल भी बरामद कर लिया। पुलिस टीम को एसएसपी ने ढाई हजार, एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। टीम में अमन चड्डा, मदन बिष्ट, पूजा मेहरा, करतार सिंह, कैलाश, राकेश, कपिल, गौरखनाथ, भुवन भटट, नागेन्द्र, निर्मला टम्टा शामिल रहे। वार्ता में कोतवाल आरके चमोली भी मौजूद रहे।