फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्य आंदोलनकारी पर खनन माफिया का जानलेवा हमला

Wed, 01 Apr 2015 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रामनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
टिहरी के मलेथा और पिथौरागढ़ के डूंगरा गांव में अवैध खनन एवं क्रशर माफिया से त्रस्त आ चुकी जनता के आंदोलन की आग अभी ठंडी नहीं हुई कि मंगलवार को रामनगर में भी अवैध खनन और क्रशर का विरोध करने वाले राज्य आंदोलनकारी और एक पत्रकार पर जानलेवा हमला हो गया। हमले से गुस्साएं लोग हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोतवाली में धरने पर बैठे। बुधवार को रामनगर बंद का ऐलान भी हो है।
विज्ञापन



वीरपुर लच्छी गांव की सड़क पर एक स्टोन क्रशर है। क्रशर के वाहनों की आवाजाही होने से गांव के लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने क्रशर के वाहनों की आवाजाही बंद कराने के लिए कुछ समय पहले सड़क पर जगह-जगह गड्ढे खोद डाले थे। मंगलवार को एसडीएम एसएस जंगपांगी, सीओ मिथिलेश कुमार, कोतवाल कैलाश पंवार पुलिस ने पीएससी की मौजूदगी में सड़क में गड्ढे भरवा दिए। गड्ढे भरने के दौरान ग्रामीणों की अधिकारियों से तीखी नोकझाेंक भी हुई। गड्ढों को भरवाने के बाद अधिकारी लौट आए, लेकिन कुछ पुलिसकर्मियों को वहीं छोड़ दिया।


राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी और पत्रकार मुनीश कुमार भी वीरपुर लच्छी गांव गए थे। शाम पांच बजे प्रभात ध्यानी और मुनीश कुमार बाइक से रामनगर लौट रहे थे। थारी गांव में प्रीति कौर और 14-15 लोगों ने प्रभात ध्यानी और मुनीश को रोक लिया। आरोप है कि प्रीति कौर ने प्रभात ध्यानी का मोबाइल और बाकी लोगों ने मुनीश कुमार का टैबलेट छीन लिया। इन लोगों ने एकजुट होकर ध्यानी और मुनीश पर लाठी, डंडो और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। हमलावरों ने धमकियां दी कि तुम बहुत बड़े नेता बनते हो। अब देखते हैं तुम वीरपुर लच्छी गांव कैसे आते हो। सरकार हमारी है और तुम कुछ नही बिगाड़ सकते।
विज्ञापन



हमलावरों ने प्रभात ध्यानी को सड़क पर लेटाकर मारा। जिससे उनके कमर, पैर, हाथों में चोटें आई हैं। शरीर में कई जगहों पर गुम चोटें लगी हैं। मुनीश कुमार के शरीर में भी चोटें लगी हैं। प्राइवेट वाहन से दोनों को रामनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमले की जानकारी होने पर लोगों में आक्रोश फैल गया। दर्जनों लोगों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोतवाली में धरना दिया। इसकी सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंच गए।


मुनीश कुमार के मुताबिक एक मई 2013 को वीरपुर लच्छी मेें ढिल्लन स्टोन क्रशर स्वामी सोहन सिंह पुत्र रतन सिंह इत्यादि ने बुक्सा जनजाति बाहुल्य गांव में घुसकर फायरिंग, मारपीट और आगजनी की घटना की। इस मामले में प्रभात ध्यानी और वो मुकदमे में ग्रामीणों की मदद कर रहे थे। तभी से सोहन सिंह की तरफ से हमें धमकियां मिल रही थी। मुनीश कुमार का आरोप है कि हमलावर खनन माफिया हैं। उन्होंने स्टोन क्रशर स्वामी के इशारों पर ही उन लोगों पर जानलेवा हमला किया है। मुनीश कुमार ने प्रीति कौर के अलावा बचन सिंह, देबू दीन, शेर सिंह, वीर सिंह, सुखविंदर सिंह, क्रशर स्वामी सोहन सिंह ढिल्लन समेत 14-15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

पुलिस ने इनके खिलाफ धारा 147, 148, 323, 341, 392, 120 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी। प्रभात ध्यानी को हल्द्वानी एसटीएच रेफर किया गया है। एडीएम उदय सिंह राणा भी देर रात रामनगर पहुुंचे। उधर, देवभूमि विकास मंच के संयोजक मनमोहन अग्रवाल ने रामनगर बंद का ऐलान किया है।


भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे एसपी सिटी
रामनगर। घटना की जानकारी मिलने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती ध्यानी और मुनीश को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ने लगा। एसडीएम के अस्पताल पहुंचने पर उन्हें लोगों का आक्रोश झेलना पड़ा। मामला बिगड़ता देख एसपी सिटी यशवंत चौहान, कालाढूंगी एसओ भारी पुलिस बल के साथ कोतवाली पहुंचे। एसपी सिटी ने कहा कि हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी ने जबरदस्ती बाजार की दुकानें बंद कराई तो कार्रवाई होगी।


धीरेंद्र बोले जल्द हो आरोपियों की गिरफ्तारी
रामनगर। आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने उपपा के महासचिव प्रभात ध्यानी पर हमला करने वाले खनन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने कहा पानी अब सिर से ऊपर हो गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सत्याग्रह आंदोलन की चेतावनी दी है।

कानून व्यवस्था नहीं संभलती तो सरकार इस्तीफा दें: तिवारी
रामनगर। उपजा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने प्रभात ध्यानी और मुनीश कुमार पर हुए हमले को लेकर कहा कि खनन माफियाओं को सरकार ने संरक्षण दिया है। माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था नहीं संभाल सकती तो तत्काल इस्तीफा दें।


तो धामी जी ऐसे बेनकाब होगे खनन माफिया
रामनगर। कुछ दिन पहले वन निगम अध्यक्ष हरीश धामी ने अवैध खनन पर अंकुश और माफियाओं को बेनकाब करने का दावा किया था। धामी जी का दावा तो पूरा नहीं हुआ, लेकिन रामनगर में खनन माफियाओं ने राज्य आंदोलनकारी और पत्रकार पर जानलेवा हमला बोल दिया। करीब दो साल पहले भी रामनगर क्षेत्र में अवैध खनन रोकने गए तत्कालीन प्रशिक्षु आईएफएस नीतिश मणि त्रिपाठी के गले में दरांती लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई। कई बार टीमों पर हमला किया गया
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें