पुलिस को महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा
शव बरामद करने गई पुलिस टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। जब पुलिस टीम शव को बरामद करने की प्रक्रिया में लगी थी तब बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गईं। आरोपियों के साथ शव लेकर जब पुलिस निकलने लगी तो महिलाओं ने हत्यारोपियों को अपने हवाले करने की बात कर हंगामा शुरू कर दिया। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने किसी तरह आरोपियों को महिलाओं से बचाकर कोतवाली पहुंचाया। इधर कुछ महिलाएं एक आरोपी के घर पहुंच गई लेकिन आरोपियों के सभी परिजन पहले फरार हो गए। वहां से पुलिस ने महिलाओं को वहां से खदेड़ा। आरोपी के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
मां की भी हुई थी हत्या
ग्रामीणों के अनुसार विश्वजीत घरों में रंगाई पुताई करके अपनी आजीविका चलाता था। बताया जा रहा है कि विश्वजीत की मां की भी कई साल पहले हत्या हो गई थी। उसके दो भाई अनिल व निकाई हैं। विश्वजीत और दोनों हत्यारोपी तीनों गहरे दोस्त थे। बताया जा रहा है कि ये तीनों अक्सर साथ दिखाई देते थे। तीनों मजदूर तबके के हैं।
बिजली की मोटा तार मिला
विश्वजीत का शव जिस नाले से बरामद किया गया है वहां झाड़ियों में बिजली का मोटा तार बरामद हुआ है। अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने हत्या के बाद शव को तार से बांध दिया होगा और फिर उसे उठाकर किसी तरह नाले में लाए होंगे। इधर फोरेंसिक विभाग की टीम के अधिकारी घटनास्थल से नमूने लेते रहे टीम ने नाले के आसपास वाले स्थान पर बारीकी से निरीक्षण कर कई निशान लिए हैं।