नगर निगम के समर्थन में कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नगर निगम की आवंटित दुकानों का किराया वृद्धि के मामले में अब कर्मचारी नगर निगम प्रशासन के समर्थन में पूरी तरह खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों ने नगर निगम में बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप का कड़ा विरोध जताया है। कर्मचारियों ने संयुक्त संघर्ष मोर्चा गठित कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर निगम की बोर्ड बैठक में आवंटित दुकानों का किराया प्रति वर्ग फुट निर्धारित हो गया है। इससे व्यापारी आक्रोशित हैं। व्यापारियों का तर्क है कि नई व्यवस्था लागू होने से किराया कई गुना बढ़ जाएगा।
वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश के आश्वासन पर व्यापारियों का आंदोलन स्थगित हुआ है। बृहस्पतिवार को नगर निगम सभागार में कर्मचारियों की सामूहिक बैठक हुई। कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर सेवानिवृत्त कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।
कर्मचारियों ने कहा कि दुकानों का किराया वृद्धि का प्रस्ताव बोर्ड ने पारित किया है। अब बेवजह की राजनीति कर इसे मुद्दा बनाया जा रहा है। बाहरी हस्तक्षेप होने से नगर निगम का कामकाज बाधित हो रहा है।
बाहरी राजनीति के खिलाफ कर्मचारियों ने आपसी रायशुमारी के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा गठित किया। मोर्चा का संरक्षक रितेश बेलवाल, संयोजक राहत मसीह, सह संयोजक नरेंद्र परमार, अमरदीप और अमित को बनाया गया है।
बैठक में राम अवतार, पूरन बवाड़ी, विजेंद्र चौहान, देवेंद्र साह, ज्ञान मसीहा, मुन्नी वाल्मीकि, श्याम खत्री और बसंत लाल समेत सभी कर्मी मौजूद थे।