हल्द्वानी। नगर निगम हल्द्वानी ने भवन और संपत्ति कर में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी प्रस्तावित कर आपत्तियां मांगी हैं। हितधारकों को 15 दिन के भीतर लिखित में नगर निगम में आपत्ति देनी होगी। आपत्ति मिलने के बाद नगर निगम इन आपत्तियों का निस्तारण करेगा। इसके बाद कर में वृद्धि की जाएगी।
नगर निगम प्रत्येक चार साल बाद भवन कर बढ़ाता है। इसके लिए निगम पहले समाचार पत्रों में विज्ञापन देता है। इसके बाद लोगों से आपत्तियां मांगी जाती हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद संपत्ति कर में बढ़ोतरी की जाती है। इसके बाद किस वार्ड में कितनी दर बढ़कर हो गई, इसका प्रकाशन किया जाता है। हाल में हल्द्वानी नगर निगम प्रशासन ने गुपचुप तरीके से संपत्ति कर (भवन कर) में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी थी। ये दरें एक अप्रैल 2024 से लागू कर दी गई थी। 31 मार्च 2028 तक ये दरें लागू रहनी थी। अमर उजाला अखबार ने इस मामले को उठाया। इसके बाद सीएम ने इसकी जांच करने के आदेश दिए थे। प्रशासक ने इसकी जांच की। जांच में पाया कि निगम ने कर बढ़ोतरी में प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसके बाद सीएम के आदेश पर प्रशासक ने बढ़ा हुआ भवन, संपत्ति कर वापस ले लिया था।
अब नगर निगम बकायदा इसके लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। नगर आयुक्त विशाल मिश्रा की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि निगम ने संपत्ति और भवन कर में न्यूतम मासिक किराया दर में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। कहा कि इसका अवलोकन नगर निगम के कक्ष संख्या 16 और नगर निगम की वेबसाइट पर 19 अगस्त से किया जा सकता है। कहा कि इस बढ़ोतरी की परिधि में आने वाले संपत्ति स्वामी 15 दिन के अंदर लिखित आपत्ति और सुझाव नगर निगम के कार्यालय के कक्ष संख्या 16 में दे सकते हैं। 15 दिन के बाद आने वाली आपत्ति एवं सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।