हल्द्वानी। राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का शासनादेश जारी होने का राज्य आंदोलनकारियों ने स्वागत किया है और मुख्यमंत्री का आभार जताया है। राज्य आंदोलनकारियों ने वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण समेत तमाम लंबित मांगों को भी जल्द पूरा करने की मांग की है।
राज्य आंदोलनकारियों का कहना है कि वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण के लिए आवेदन लंबे समय से जिलाधिकारियों के पास लंबित हैं, उन पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से आंदोलनकारी राज्य गठन में अहम भूमिका के बावजूद उन्हें भुलाए जाने से आहत हैं। राज्य आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानियों की तरह सुविधा, सम्मान दिया जाए। सभी राजनीतिक दलों के एजेंडे में निकाय, पंचायत, विधानसभा में राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की जाए। वहीं, राज्य आंदोलनकारी सुरेंद्र रौतेला ने क्षैतिज आरक्षण संबंधी शासनादेश जारी होने पर सीएम का आभार जताया है।
सरकारी नौकरी में आरक्षण देने की मांग लंबी थी। सरकार को जल्द अन्य मांगों को पूरा करना होगा। इस मांग को पूरा करने के लिए सभी आंदोलनकारियों को बधाई। लंबित मांगों पर भी सरकार को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
- भुवन जोशी, संयोजक उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी मंच
सरकार को ये मांग पहले ही पूरी कर देनी चाहिए थी। आरक्षण की मांग पूरी करने पर मुख्यमंत्री आभार। सरकार ने मांग पूरी करके राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान किया है। अन्य मांगों पर भी सरकार को विचार करना होगा। - मोहन पाठक राज्य आंदोलनकारी
पृथक राज्य के लिए आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष किया। सरकार को आंदोलनकारियों की अन्य मांगों को भी जल्द पूरा करना होगा। ये ही राज्य आंदोलन के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वालों को श्रद्धांजलि होगी। - प्रभात ध्यानी। राज्य आंदोलनकारी
राज्य आंदोलनकारियों की एक बड़ी लंबित मांग भी पूरी हुई है। तमाम संघर्षों के बाद उत्तराखंड राज्य मिला है। आंदोलनकारियों के इस संघर्ष को सरकार को कभी नहीं भूलना चाहिए।
- केदार पलड़िया, राज्य आंदोलनकारी