हल्द्वानी। एक तरफ वन भूमि से कब्जा खाली कराने का अभियान चल रहा है, वहीं सरकारी विभाग भी नियमों को ताख पर पर रख रहे हैं। नगर निगम ने जीतपुर नेगी में आरक्षित वन भूमि पर सड़क बनाने की योजना बनाई, इसके बाद ठेकेदार ने काम भी शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर जंगलात की टीम ने काम रुकवा दिया। सड़क का काम रोकने की शिकायत विधायक बंशीधर तक पहुंची। इसके बाद वह डीएफओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे तो पता चला जंगलात ने सही कार्रवाई की है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज की गोरापड़ाव बीट में जीतपुर नेगी नई बस्ती इलाके पर कई दशकों से कब्जा है। इसके पास राजस्व क्षेत्र में कॉलोनी बनी हुई है। यहां पर वन विभाग ने कब्जे को रोकने के लिए खाई भी खोदी हुई है। इस बीच नगर निगम ने संबंधित इलाके में सड़क बनाने की योजना बनाई और काम भी शुरू करवा दिया। इसमें पहले से कब्जे वाली भूमि के अलावा जहां पर खाई खोदी गई थी, उस पर भी अतिक्रमण कर सड़क का कार्य शुरू कराया। इसकी भनक लगने के बाद जंगलात सक्रिय हुआ और काम रुकवा दिया। इसके बाद मामला विधायक भगत के पास पहुंचा। भगत ने जंगलात के बड़े अफसरों के साथ बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचे। मौके पर काफी संख्या में स्थानीय लोग भी जुट गए। विधायक भगत कहते हैं कि आरक्षित वन भूमि पर काम हो रहा था, यह गलत था। इसकी सहमति नहीं दी जा सकती थी। अब दूसरे विकल्पों की संभावना को देखा जाएगा। हल्द्वानी रेंज के रेंजर उमेश आर्य कहते हैं कि नगर निगम वन भूमि पर निर्माण करा रहा था जिसे रुकवाया गया है। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय का कहना है कि नगर निगम अपने ही क्षेत्र में नाले, नालियों का निर्माण करता है। वहां कच्चा-पक्का रस्ता बना होगा, तभी निगम की तरफ से कार्य हो रहा होगा।