नैनीझील में बुधवार शाम पाल नौका के पलटने की घटना के बाद भी पालिका प्रशासन नहीं जागा। पालिका के अधिकारियों ने दूसरे दिन घटनास्थल पर जाकर जांच करने की जहमत तक नहीं उठाई। बृहस्पतिवार को पर्यटक झील में बिना लाइफ जैकेट के नौकायन करते दिखाई दिए। लेकिन न तो पालिका की टीम ने कोई कार्रवाई की और न ही नाव चालकों की ओर से पर्यटकों को टोका गया। ऐसा लगता है कि पालिका को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
बीते बुधवार शाम नैनीझील में पाल नौका पलटने से पर्यटकों की जान आफत में आ गई थी। इससे झील किनारे खलबली मच गई थी। हालांकि पयर्टकों ने लाइफ जैकेट पहनी थी जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया। हादसे के बाद पूरे शहर में हल्ला होने के बाद भी पालिका की ओर से बृहस्पतिवार को कोई सुध नहीं ली गई।
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इधर नैनीझील में बिना लाइफ जैकेट नौकायन करने पर मनाही है। बिना लाइफ जैकेट नौकायन करने पर 500 रुपये जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद झील में रोजाना पर्यटक बिना लाइफ जैकेट जान हथेली पर रखकर नौकायन कर रहे हैं। बीते दो से तीन महीनों में भी पालिका की ओर बिना लाइफ जैकेट पहनकर नौकायन करने वाले सिर्फ 10 से 15 लोगों के चालान किए गए हैं। इससे लगता है कि पालिका को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। वहीं पालिका की ओर से नोटिस के बाद भी नाव चालक समिति भी पर्यटकों को नहीं टोक रही। ईओ अतुल भंडारी ने बताया कि जल्द ही अभियान चलाकर बिना लाइफ जैकेट नौकायन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बदबूदार व पुरानी जैकेट पहनने से कतराते हैं पर्यटक
नाव चालकों की ओर से पर्यटकों को दी जाने वाली जैकेट पुरानी हो चुकी हैं जिसमें बदबू भी आने लगी है। इसके चलते कई पर्यटक पुरानी व बदबूदार जैकेट पहनने से मना कर देते हैं। वहीं कई पर्यटक फ़ोटो व वीडियो बनाने के लिए झील में पहुंचकर लाइफ जैकेट उतार देते हैं। जो जानलेवा हो सकता है।
चलती हैं 222 चप्पू और 90 पैडल वोट
नैनीझील में वर्तमान में पालिका के दिशा निर्देशों पर 222 चप्पू व 90 पैडल बोट चलती हैं। वहीं 10 पाल नौकाओं का संचालन भी होता है। पाल नौकाओं व चप्पू नौकाओं में नाव चालक पर्यटकों को लाइफ जैकेट के साथ ही नौकायन कराते हैं लेकिन पैडल बोट में नाव चालक न होने के चलते पर्यटक बीच झील अपनी लाइफ जैकेट उतार देते हैं।