लालकुआं विधानसभा में बरेली रोड सबसे बड़ा वोट बैंक होने के बाद भी विकास की दौड़ में पिछड़ा है। चुनावी माहौल में भी नेताओं के लिए बरेली रोड सबसे उपेक्षित है। हर नेता की नजर बिंदुखत्ता पर टिकी है। भाजपा और कांग्रेस से दावेदारी ठोकने वाले नेताओं ने बिंदुखत्ता के ईद-गिर्द ही जनसंपर्क में ताकत झोंकी है।
बरेली रोड में नवीन मंडी क्षेत्र लालकुआं और हल्द्वानी विधानसभा का बार्डर है। लालकुआं विधानसभा की शुरुआत मंडी से होती है। लेकिन नेताओं ने मंडी क्षेत्र को विधानसभा का सबसे आखिरी छोर बना दिया है। नेताओं के क्षेत्रवाद के मापदंड से बरेली रोड विकास की दौड़ में पिछड़ा है।
हाइवे की गड्ढायुक्त सड़क और कालोनियों की जर्जर सड़कें सबसे बड़े उदाहरण हैं। मंडी गेट से लेकर लालकुआं तक सड़क में अनगिनत गड्ढे हैं। कैबिनेट मंत्री से लेकर डीएम का काफिला इसी हाइवे से गुजरता है। कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल और स्थानीय प्रशासन बरेली रोड की सड़क को एनएचएआई के अधीन बताकर पल्ला झाड़ता आया है।
बरेली रोड की कालोनियों की खस्ताहाल सड़कों का नेताओं के पास कोई जवाब नहीं है। हालांकि, बिंदुखत्ता और हल्दूचौड़ एवं आसपास के गांवों में शानदार सड़कें बनी हैं। बरेली रोड की उपेक्षा की सबसे बड़ी वजह सक्रिय राजनीति में क्षेत्र का प्रतिनिधितत्व नहीं होना है। विधानसभा में चुनाव जीतने और हारने वाले अधिकांश नेता लालकुआं एवं उसके आसपास के हैं।
लालकुआं विधानसभा में करीब एक लाख आठ हजार वोटर (137 बूथ) हैं। सर्वाधिक करीब 45 हजार वोटर बरेली रोड से हैं। 40 हजार वोटर बिंदुखत्ता और लालकुआं आसपास हैं। इसी तरह चोरगलिया और गौलापार क्षेत्र में करीब 20 हजार से अधिक वोटरों की संख्या है।
बरेली रोड में सर्वाधिक वोट बैंक होने के बाद भी वोटिंग की प्रतिशत बिंदुखत्ता में अधिक होता है। बिंदुखत्ता के वोटर ग्रामीण परिवेश से हैं और हर चुनाव में वोटिंग प्रतिशत 70 फीसदी से अधिक रहता है। बरेली रोड का वोटिंग प्रतिशत 40 फीसदी के आसपास रहता है। शायद यही वजह है कि हर दावेदार बिंदुखत्ता में घुसपैठ करने में जुटा रहता है।
नगर पालिका और विकास बनेगा मुद्दा
बिंदुखत्ता पर नगर पालिका थोपने एवं फिर जन दबाव में वापस लेने और बरेली रोड की उपेक्षा 2017 के चुनाव में मुद्दे बनेंगे। विकास और क्षेत्रवाद की लड़ाई में चुनाव काफी रोचक बनेगा। कांग्रेस और भाजपा से टिकट फाइनल होने के बाद प्रत्याशी इन्हीं मुद्दों को भुनाकर वोट मांगेंगे।