नैनीताल। उत्तराखंड में वाइल्ड लाइफ के नजारे देखने लोग ज्यादातर रामनगर कार्बेट जाते हैं, लेकिन यदि आप नैनीताल में हैं तो आपको नैनीताल के पास ही हनुमनगढ़ी में भी वाइल्ड लाइफ के नजारे देखने को मिल जाएंगे। यहां दिन में घुरड़, काकड़ तो शाम को तेंदुए नजर आते हैं। यही नहीं यहां बीस से ज्यादा प्रजातियों के पक्षी भी नजर आते हैं। स्थानीय लोगों के साथ साथ कई सैलानी भी यहां वाइल्ड लाइफ के नजारे देखने पहुंचते हैं।
हनुमनगढ़ी नैनीताल से मात्र दो किलोमीटर दूर हल्द्वानी रोड पर है। यह क्षेत्र मैदान नहीं बल्कि चट्टानों वाली एक पहाड़ी है जो हनुमानगढ़ी से हेयरपिन बैंड तक फैली हुई हैं। इस क्षेत्र में अक्सर आते जाते पर्यटकों व स्थानीय लोगों को दिन में काकड़ और घुरड़ दिखाई देते हैं। वहीं शाम के बाद इस क्षेत्र में तेंदुए भी नजर आते हैं।
20 से ज्यादा प्रजातियां हैं मौजूद
नैनीताल। हनुमान गढ़ी क्षेत्र में 20 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां हैं। इनमें स्ट्राइटेड लाफिंग थ्रूस, व्हाइट क्रेस्टेड लाफिंग थ्रूस, औरियंटल मैगीपाई रोबिन, व्हाइट थ्रोटेड लापुफिंग थ्रूस, व्हाइट आई, ग्रेट बारबेट, डव, सनबर्ड, कलीज फीसेंट, ब्लू बिसलिंग थ्रूस, जंगल बारवल, स्लेटी हैडेड पैराकीट, प्लम हैडेड पैराकीट, हिमालयन बुलबुल, रैड बिड ब्लू मैगपाई, हेयर क्रिस्टेड ड्रोंगो, स्ट्राइटेड लाफिंग थ्रूस, तीतर, उल्लू, ब्लैक हैडेड जय, ब्राउन फ्रंटेड वूडपैकर, वर्डीटर फ्लाई कैचर समेत कभी कभी स्टैप इगल और ग्रीफन वल्चर भी दिखाई देती है।
- हनुमानगढ़ी का क्षेत्र घुरड़ों के लिए बहुत ही अनुकूल है। पहाड़ के आसपास घुरड़ों को घास और पानी मिल जाता है। घुरड़ संख्या में ज्यादा है तो तेंहुए भी उनका शिकार करने के लिए यहां पहुंचते हैं। केएस सजवाण, वन्य जीव विशेषज्ञ नैनीताल
- शहर के समीप सड़क से ही वाइल्ड लाइफ का नजारा हनुमान गढ़ी क्षेत्र में किया जा सकता है। खड़ी पहाड़िया होने के कारण इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही नहीं है। जिस कारण इतने जीव जंतु इस क्षेत्र में दिखाई देते हैं।
टीआर बीजूलाल, डीएफओ नैनीताल