लालकुआं (नैनीताल)। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा के जंगल में मिले अज्ञात कंकाल की शिनाख्त वार्ड तीन निवासी ट्रांसपोर्टर मोहन चंद्र उप्रेती के रूप में हुई है।
शुक्रवार को टांडा के जंगल में कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू की। घटनास्थल पर पहुंचे जवाहर नगर निवासी मयंक उप्रेती और गौरव उप्रेती ने शव की शिनाख्त बीते 9 नवंबर से लापता अपने पिता मोहन चंद्र उप्रेती (46) के रूप में की। इसके बाद मोहन चंद्र उप्रेती के परिजनों ने हल्द्वानी स्थित पोस्टमार्टम हाउस में जाकर शव की शिनाख्त की। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद चित्रशिला घाट रानीबाग में मोहन चंद्र का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक की पत्नी कमला उप्रेती और अन्य परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
इधर क्षेत्रवासियों में मोहन चंद्र उप्रेती की मौत को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्टर मोहनचंद्र उप्रेती का कंकाल मिलना गंभीर मामला है। हालांकि यह मामला पुलिस की जांच का विषय है।