नैनीताल। पौड़ी जिले के नैनीडांडा ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख पद के प्रत्याशी के रूप में एक मनरेगा कर्मचारी के चुनाव लड़ने के मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व चुनाव आयोग को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नैनीडांडा ब्लॉक से चुनाव लड़ रहीं कांग्रेस प्रत्याशी मनीषा सोनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके खिलाफ लड़ रहे दूसरे प्रत्याशी के रूप में प्रशांत कुमार बछवाड़ मैदान में हैं। याचिका में कहा कि प्रशांत मनरेगा में कार्यरत हैं और यह पद लाभ का पद है, इसलिए मनरेगा में कार्यरत कर्मचारी चुनाव नहीं लड़ सकता है। याचिकाकर्ता का कहना था इसकी शिकायत उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष की थी। इसके बाद प्रशांत कुमार ने अपना इस्तीफा खंड विकास अधिकारी को दिया, जबकि नियमों के तहत में यह इस्तीफा जिला विकास अधिकारी को दिया जाना चाहिए था और प्रशांत का इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं हुआ है। याचिका में कहा कि इसलिए ब्लॉक प्रमुख का नामांकन सहित उनकी बीडीसी सदस्यता निरस्त की जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने राज्य सरकार व चुनाव आयोग को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।