हल्द्वानी। चार महीने तक जी-तोड़ मेहनत कर रुपये कमाने के बाद नेपाली मूल का युवक घर जाने के लिए हल्द्वानी बस अड्डा पहुंचा। यहां उचक्कों ने उसे निशाना बना लिया। वह कभी बस अड्डे पर तो कभी पुलिस थाने में अपने सामान और कपड़ों के लिए चक्कर काटता रहा।
नेपाल के सुरखेत निवासी गणेश ठाकुरी बीते चार महीने से बागेश्वर के कपकोट में काम कर रहा था। उसने करीब 60 हजार रुपये जमा किए। मंगलवार शाम तीन बजे वह बागेश्वर से हल्द्वानी बस अड्डे पहुंचा। उसके पास एक बैग था, जिसमें 50 हजार रुपये और घरवालों के लिए नए कपड़े रखे थे। साथ में छोटा भाई भी था।
इसी समय बस अड्डे पर तीन युवक उसके पाए आए। उसे बातों में उलझा लिया। उन्होंने उसके मोबाइल से उसके साथ फोटो भी खींची। इसके बाद उसे रेलवे स्टेशन चलने के लिए बोलने लगे, लेकिन वह नहीं गया। इसी समय लड़के उसका बैग और जैकेट लेकर वहां से चले गए। जिन्हें रोकते-रोकते वह भी रेलवे स्टेशन के पास पहुंच गया। बैग मांगने पर उन्होंने पिटाई कर दी। साथ ही फोन भी छीन लिया और नई जैकेट भी ले गए। बताया कि भाई को गांव के लोगों के साथ भिजवा दिया है।
वहीं इस बारे में बस अड्डे की इंचार्ज इंदिरा भट्ट ने बताया कि दोपहर में युवक पुलिसकर्मियों को लेकर आया था। तब उनसे सीसीटीवी फुटेज दिखाने के लिए कहा गया था, जिसके बाद तीन कान साफ करने वाले युवकों को लेकर पुलिस वाले चले गए थे, लेकिन युवक को यहीं रहने को कहा था।
दिल्ली जाने वाले यात्री के उड़ाए चार हजार रुपये
हल्द्वानी। कान साफ करने के बहाने एक युवक दिल्ली जाने वाले यात्री की जेब से 4000 रुपये निकाल लिए। कुछ देर बाद पता चला तो उसने कोतवाली पहुंचकर मामले की शिकायत की। पुलिस ने रोडवेज बस अड्डा और उसके आसपास काफी देर तलाश किया लेकिन कान साफ करने वाला नहीं मिला।