हल्द्वानी। मलिक के बगीचे में मस्जिद और मदरसे को ध्वस्तीकरण का नोटिस दिए जाने के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
कहा कि जिले में लगभग 75 फीसदी आबादी नजूल भूमि पर बसी है जिसमें सभी समुदाय के प्रार्थना स्थल और स्कूल, कॉलेज आदि बरसों से हैं। लोग अपनी जगह को फ्री होल्ड कराना चाहते है, लेकिन शासन-प्रशासन लेटलतीफी कर रहा है। अब नोटिस देकर डराया जा रहा है।
इधर, निवर्तमान पार्षदों की ओर से मस्जिदों और मदरसों को बचाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा गया। उन्होंने कहा कि मलिक के बगीचे में जो कार्रवाई की गई है, वह उचित नहीं है। ज्ञापन देने वालों में महबूब आलम, इस्लाम मिकरानी, इमरान खान, शकील सलमानी, तौफिक अहमद आदि मौजूद रहे।