प्रदेश का प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय बदहाल स्थिति में है। राज्य बनने के 16 वर्ष पूरे होने को हैं मगर निदेशालय का अपना भवन तक नहीं बन सका। पहले तो भवन निर्माण के लिए सरकारी भूमि नहीं मिली, बाद में जब आईटीआई परिसर में ही निदेशालय भवन बनाने की सहमति बनी तो इसकी डीपीआर ही शासन से मंजूर नहीं हो सकी है।
डीपीआर करीब आठ माह से स्वीकृति के इंतजार में शासन में लटकी है। यह स्थिति तब है कि जब श्रम एवं सेवायोजन मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल भी स्थानीय हैं।
राज्य गठन के समय कोई सरकारी भवन न मिलने पर प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग का निदेशालय यहां हल्द्वानी में महिला आईटीआई के भवन में ही खोल दिया गया था। लेकिन आज तक इस विभाग का ढांचा तैयार नहीं हो सका और न निदेशालय भवन ही बना।
महिला आईटीआई भवन में चल रहे प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय दफ्तर में कुछ और सुधार तो नहीं हुआ केवल शासन ने इसमें एक के स्थान पर दो निदेशक के पद कर दिए। प्रशिक्षण (आईटीआई) विभाग के निदेशक का कार्यभार इस समय शासन में अपर सचिव डॉ. पंकज पांडेय के पास है, जबकि सेवायोजन विभाग के निदेशक का कार्यभार शासन में अपर सचिव अशोक कुमार के पास है।
दोनों ही निदेशक देहरादून में बैठते हैं। यहां निदेशालय अपर निदेशक और एक सहायक निदेशक के हवाले रहता है। प्रशिक्षण निदेशालय में निदेशक के अलावा अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, सहायक निदेशक समेत अधिकारियों के नौ पद हैं।
निदेशालय का हाल यह है कि निदेशक से लेकर किसी अधिकारी के लिए वाहन तक नहीं है, इतना ही नहीं ड्राइवर तक का पद सृजित नहीं है। बताते हैं कि निदेशालय से वाहन क्रय करने को शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया मगर वित्त विभाग में लटक गया।
इसी तरह काफी खोजबीन के बाद भी निदेशालय भवन निर्माण को कहीं भूमि ही नहीं मिली, बाद में इसे आईटीआई परिसर में ही बनाने की योजना बनाई गई। करीब चार करोड़ की डीपीआर भी शासन को भेजी गई, वह भी शासन में जाकर फंस गई। यह विभाग कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल के पास ही है मगर उन्होंने भी निदेशालय की समस्याओं को दूर करने की ओर कोई खास ध्यान नहीं दिया।
प्रशिक्षण निदेशालय के लिए वाहन क्रय करने को शासन को करीब 30 लाख रुपए आवंटित किए जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था मगर वित्त विभाग से वाहन क्रय करने की स्वीकृति अभी तक नहीं मिली। आईटीआई से वाहन अटैच कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। पेट्रोल व्यय मद में भी बजट कम मिला है।
- आरएस मर्तोलिया, सहायक निदेशक, प्रशिक्षण निदेशालय
निदेशालय भवन आईटीआई परिसर में ही बनाए जाने की योजना है। विभाग ने डीपीआर बनाकर वित्त विभाग को भेजी थी, लेकिन बजट की कमी के चलते अभी धनराशि आवंटित नहीं हो सकी है। निदेशालय भवन निर्माण के लिए जल्द बजट स्वीकृत कराया जाएगा। निदेशालय के लिए वाहन क्रय करने को भी धनराशि अवमुक्त कराने की कोशिश होगी। मैंने पिछले दिनों निदेशालय का निरीक्षण भी किया था।
- हरीश चंद्र दुर्गापाल, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री