भीमताल (नैनीताल)। विकास खंड के अमिया, डहरा, अमृतपुर के ग्रामीणों ने शनिवार को डहरा गांव में बैठक की। तय किया कि वह जमरानी में होने वाले खनन में प्रयुक्त डंपरों को गांव की सड़कों से आवाजाही किसी कीमत पर नहीं करने देंगे।
उन्होंने खनन में लगे डंपरों के लिए गौला नदी के किनारे से अलग सड़क बनाने की मांग की। चेताया कि यदि ग्रामीणों की इस मांग की अनदेखी की गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। ग्रामीणों ने खनन में जुड़े लोगों पर समय समय पर ग्रामीणों के साथ बदसलूकी करने और जान से मारने तक की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
जमरानी में होने वाले खनन में सैकड़ों डंपर खनन से निकली निर्माण सामग्री को जमरानी से विभिन्न स्टोन क्रशरोंतक पहुंचाने का काम करते हैं। उक्त डंपर अमिया, डहरा, अमृतपुर में आबादी वाले क्षेत्रों से होकर ही तेज रफ्तार के साथ दौड़ते हैं। बीते दिनों डहरा में डंपर की चपेट में आने से स्कूली बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बाद क्षेत्र के लोगों ने डंपरों पर पथराव कर एनएच पर जाम लगाया था।
तब डीएम दीपक रावत ने मौके पर पहुंचकर जमरानी में खनन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। शनिवार को हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि आबादी के मध्य से होकर डंपरों की आवाजाही के चलते स्कूली बच्चों की जान खतरे में रहती है। छात्राओं से आए दिन छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं और घरों से लेकर फसलों तक धूल का गुबार जमा रहता है।
बैठक के दौरान उक्त मुद्दों पर व्यापक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि ग्रामीण अब आबादी के मध्य से डंपरों की आवाजाही नहीं होेने देंगे। तय किया गया कि यदि ग्रामीणों की मांग की अनदेखी की गई तो वह आंदोलन करेंगे। बैठक में प्रधान कमला देवी, गीता देवी, दीवान सिंह रावत, उमेश पलड़िया, आनंद रावत, अनिल चनौतिया, मंजू रावत, योगेश रजवार, शीला मेहरा, निर्मला पांडे, भावना पलड़िया, आशा पांडे, शांति देवी आदि थे।