गौला में तय खनन सत्र से एक दिन पहले ही खनन बंद करा दिया गया है। प्रशासन और वन महकमे के अनुसार नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। केवल इसी सत्र में वन विभाग को करीब 10 करोड़ का राजस्व गौला से मिला है।
कुमाऊं की सभी नदियों में खनन सत्र समाप्त होने की अवधि 31 मई है। बारिश के कारण गौला का जलस्तर बढ़ने से सुरक्षा को लेकर खतरा था। इस पर वन निगम ने भी खनन बंद कराने का अनुरोध प्रशासन से किया। एसडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि एक दिन बाद ही खनन बंद होना था, लेकिन सुरक्षा दृष्टि से एक दिन पहले ही खनन बंद कराया गया है।
डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते ने भी खनन बंद होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जल स्तर बढ़ने के अलावा मौसम को लेकर एलर्ट भी था। इसके मद्देनजर यह फैसलालिया गया। डीएफओ के अनुसार 54 लाख घनमीटर खनिज निकासी का लक्ष्य था। पर करीब 49 लाख घनमीटर ही खनिज निकाला जा सका है। अब खनन इलाके की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं।