कनिष्ठ, अपर सहायक और सहायक अभियंताओं के बजाए अधीक्षण और मुख्य अभियंताओं के पदों की बढ़ोतरी का उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने विरोध किया। संघ ने पुन: विभागीय पुनर्गठन करने की मांग उठाई।
संघ की बुधवार को बद्रीपुरा संघ भवन में बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले अभियंताओं को पदों पर आनुपातिक वृद्धि की जाए, साथ ही विद्युत यांत्रिक शाखा में मुख्य अभियंता पद सृजित किया जाए। शासन स्तर पर सहायक अभियंता पद को नान फंक्शनल घोषित कर 10 वर्ष की सेवा के बाद सहायक अभियंता पद का वेतनमान देने और अधीक्षण अभियंता पद धारकों को समझौते के अनुरूप वेतनमान दिए जाने की मांग की।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद मामले को शासन स्तर पर लटकाया जा रहा है। निर्माण कार्यों में बढ़ रहे राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का संघ विरोध करेगा। संघ ने चार अन्य मांगों पर भी बैठक में चर्चा की। इस दौरान संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी जोशी, प्रांतीय अध्यक्ष आरएस मेहरा, बीसी पंत, एसएस चौहान, रमेश शर्मा, बीएस गैड़ा, अजेंद्र जोशी, पीपी गोस्वामी, विनोद सनवाल, संजय नयाल, दान सिंह नेगी, गणेश रौतेला, गोविंद नाथ आदि थे।