हल्द्वानी। अब मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा उपकरणों की खरीद लोकल स्तर पर नहीं हो सकेगी इस संबंध में सचिव चिकित्सा शिक्षा ने पत्र भेजा है, इसमें चिकित्सा उपकरणों की खरीद केंद्र के पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) के माध्यम से करने का निर्देश दिया है।
मेडिकल कॉलेज में लोकल स्तर पर की गई खरीद सवालों के घेरे में रही है सबसे पहले एन-95 मास्क की गुणवता पर सवाल उठे थे, बाद में यह मास्क वापस कर दिए गए। यह दो हजार मास्क खरीद प्रक्रिया से जुड़ा मामला था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पीपीई किट खरीदने की योजना बनाई। इस संबंध में 27 मार्च को प्रक्रिया शुरू की गई। 1000 पीपीई किट खरीद करने का लक्ष्य था।
इस पीपीई किट की गुणवता को लेकर भी सवाल उठे। बाद में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने खरीद ऑर्डर कैंसिल कर दिया। यह प्रकरण शासन स्तर पर भी पहुंचे हैं। पीपीई के मामले में शासन ने जांच भी बैठा दी है। इसमें कुमाऊ मंडलायुक्त को 3 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तैयार की रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने पीपीई किट खरीद मामले में एक रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि केवल दो पीपीई किट को पहले जांच के लिए तकनीकी समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया गया। जब तकनीकी समिति ने उसकी गुणवता पर सवाल उठाए तो उसके बाद पीपीई किट खरीद का ऑर्डर निरस्त कर दिया गया। कोई भी भुगतान नहीं किया गया है।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेजों को पत्र भेजा गया है उनसे कहा गया है कि पीपीई किट, एन-95 मास्क आदि की खरीद केंद्र सरकार के पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के माध्यम से किया जाए। किसी भी तरह की लोकल खरीद न हो। खरीद प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं, उस मामले में जांच कराई जा रही है। पीएसयू के माध्यम से खरीद करने का पत्र दो अप्रैल को भेजा गया था, जबकि यह खरीद संबंधी प्रक्रिया 27 मार्च की थी।
-नितेश झा, चिकित्सा शिक्षा सचिव